
Rajasthan : बारां के मोठपुर का युवक भानु गोयल 17 सितंबर की शाम घर से निकला जो देर तक वापस नहीं पहुंचा। परिजनों ने तलाश शुरू की। उसी देर रात अटरू पुलिस को दडा रेलवे ट्रैक के यहां एक अज्ञात युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया गया, लेकिन शिनाख्त नहीं होने पर अगले दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इससे अनभिज्ञ परिजनों ने 18 सितंबर की रात मोठपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई, उसे तलाश भी करते रहे। इस बीच सोमवार की देर शाम पता चला कि जिस भानु को वे तलाश रहे थे, उसके शव का अंतिम संस्कार तीन दिन पहले ही हो चुका है। संदिग्ध परिस्थितियों के चलते युवक की हत्या की आशंका जताई गई। कस्बेवासियों व व्यापार संघ की ओर से मंगलवार को मोठपुर कस्बा बंद रखा गया। पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
पुलिस के अनुसार भानु गोयल (20 वर्ष) गत 17 सितंबर की शाम छह-सात बजे अपने पिता के साथ बेकरी की दुकान पर था। दुकान से निकलते समय पिता ने पूछा तो उसने घर जाने की बात कही। हालांकि, वह घर जाने के बजाय पैदल बालूखाल की ओर चला गया। इसके बाद उसका पता नहीं चला। परिजनों ने उसकी तलाश की। 18 सितंबर की रात परिजन मोठपुर थाने पहुंचे और तलाश में मदद मांगी। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने भी तलाश शुरू की। इसी बीच 18 सितंबर को अटरू क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। ट्रेन की चपेट में आने से शव की हालत ऐसी थी कि तत्काल पहचान नहीं हो सकी। शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखा गया, लेकिन पहचान नहीं होने पर बारां के अटरू पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। दूसरी ओर भानु के परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे।
सोमवार को अटरू पुलिस ने परिजनों को अज्ञात शव के संबंध में सूचना दी। परिजन अटरू थाने पहुंचे और रेलवे ट्रैक से मिले शव के कपड़ों तथा चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान भानु के रूप में की। शव का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। इसके बाद परिजनों ने अटरू में ही तीये की रस्म पूरी की।
परिजनों एवं कस्बेवासियों व व्यापार संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मोठपुर थानाप्रभारी कमल सिंह को एसपी के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि 17 सितम्बर की शाम भानु ने फोन स्वीच ऑफ करने से पूर्व किसी व्यक्ति द्वारा धमकी देने के मैसेज को बहन अंजली को फॉरवर्ड किए थे। घटनास्थल के फोटो के आधार व शरीर पर घाव देखकर लगता है कि मृतक को मारने के बाद रेलवे ट्रैक पर डाला गया। घटना का खुलासा करने एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
प्रशासक गिरिराज नागर, व्यापार संघ के हंसराज सिंघल, ललित चौरसिया, मनोज वैष्णव, अनिल सिंघल, हजारीलाल खरारा और सूरज मीणा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मोठपुर थानाप्रभारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो 26 सितंबर को ग्रामवासियों और व्यापार संघ द्वारा अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
मृतक भानु अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और बहन अंजलि से छोटा था। इस घटना के बाद से माता-पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुमशुदगी मोठपुर थाने में एवं मर्ग अटरू थाने में दर्ज है। युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट मंगवाई गई है। रिपोर्ट आने के इंतजार में पिछले 2 दिन से जांच आगे नहीं बढ़ाई गई। मंगलवार को रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कमल सिंह, थाना प्रभारी, मोठपुर
17 सितंबर की रात्रि को रेलवे की ओर से सूचना मिली थी, जिस पर अटरू थाना क्षेत्र के दडा फाटक के आगे से शव को उठाकर उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। शिनाख्त नहीं होने पर 18 सितंबर को अंतिम संस्कार करवाया गया। मामले में मर्ग दर्ज किया, सोमवार को मृतक के सामानों से परिजनों ने शिनाख्त की है। मामले में आगे जांच जारी है।
अशोक कुमार वर्मा, सीआई अटरू