बारां

राजस्थान के एकमात्र लहसुन एक्सीलेंस सेंटर की निर्माण प्रक्रिया शुरू; बारां में 12 करोड़ की लागत से होगा तैयार

Baran Garlic Excellence Centre: राजस्थान के एक मात्र लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर की बारां जिले में स्थापना के लिए गत बजट में घोषणा के 15 माह बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राथमिक निर्माण कार्य के लिए हाल ही में 2.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने पर अब शीघ्र ही निर्माण शुरु होने की उम्मीद जगी है।

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Jun 15, 2026
Rajasthan First Garlic Excellence Center
बारां में बनेगा राजस्थान का पहला लहसुन एक्सीलेंस सेंटर, पत्रिका फोटो

Baran Garlic Excellence Centre: राजस्थान के एक मात्र लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर की बारां जिले में स्थापना के लिए गत बजट में घोषणा के 15 माह बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राथमिक निर्माण कार्य के लिए हाल ही में 2.50 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिलने पर अब शीघ्र ही निर्माण शुरु होने की उम्मीद जगी है। जिले के कवाई कस्बा क्षेत्र में 10 हैक्टेयर भूमि पर सेन्टर का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।

राजस्थान में सर्वाधिक लहसुन उत्पादक क्षेत्र में शुमार जिले के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर की स्थापना की घोषणा की गई थी। जिसके बाद से ही भूमि चयन की प्रकिया शुरु की गई। कृषि विभाग (विस्तार) द्वारा पूर्व में अटरु क्षेत्र के गोविन्दपुरा गांव में भूमि का चयन किया गया था। लेकिन जयपुर से आई विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियो की टीम ने उक्त चयनित भूमि को अयोग्य बताने के बाद कवाई में भूमि चयन किया गया।

12 करोड़ की लागत से बनेगा सेन्टर

उद्यान विभाग के उप निदेशक पुष्पेन्द्र खिंची ने बताया कि कवाई कस्बा क्षेत्र में करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर का निर्माण कार्य होगा। जिसमें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 10 करोड़ रुपए में भवन निर्माण तथा अन्य कार्य होगें। वही पंच गोरव योजना के तहत करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि एजेन्सी द्वारा सेन्टर के निर्माण कार्य को पूर्ण कर वर्ष 2028 तक उद्यान विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।

शुरु में बाउंड्रीवाल तथा अन्य कार्य होंगे

कार्यकारी एजेन्सी कृषि विपणन बोर्ड द्वारा लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर का निर्माण कार्य करवाया जाएगा। प्रथम स्तर पर बाउंड्रीवाल तथा अन्य कार्य होगे। बोर्ड के अधिशाषी अभियन्ता कमल मीणा ने बताया कि करीब 14 मीटर लम्बाई में 6 फीट उंची बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य करवाया जाएगा। जिस पर करीब दो फीट की तार फैंसिग भी लगाई जाएगी तथा अन्य छोटे प्राथमिक कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि टेण्डर प्रक्रियाधीन है। सेन्टर का प्रारुप बनाकर भिजवा दिया गया है।

सितम्बर माह में होगा कार्य शुरु

लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर के निर्माण कार्य की टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरान्त बरसात बाद सितम्बर माह में निर्माण कार्य शुरु हो पाएगा। जिसमें 688 एस्क्वायर मीटर क्षेत्र में भूतल तथा प्रथम तल भवन का निमार्ण कार्य होगा। भू तल पर प्रोसेसिंग यूनिट समेत विभागिय कार्यालय होगें। वही प्रथम तल पर सेमीनार हॉल, ट्रेनिंग सेन्टर समेत आवास कक्ष होगें।

किसानों एवं व्यापारियो को मिलेगा लाभ

लहसुन एक्सीलेंस सेन्टर से जिले के किसानो तथा व्यापारियों को लाभ मिलेगा। किसानो को जहां नई तकनिकी तथा किस्मो एवं उत्पादन से संबधित जानकारियां मिलेगी तो वही व्यापारियो को लहसुन प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग से संबधित जानकारी का लाभ मिलेगा। सेन्टर में 2 करोड़ की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट बनाई जाएगी। जिसे सहकारी या अन्य संस्था द्वारा पीपी मोड पर संचालित किया जाएगा।गत से प्रोसेसिंग यूनिट बनाई जाएगी। जिसे सहकारी या अन्य संस्था द्वारा पीपी मोड पर संचालित किया जाएगा।

इसलिए हुआ था बारां का चयन

जिला दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के भूभाग पर हाड़ौती क्षेत्र में स्थित है। जिला फसल उत्पादन की दृष्टि से हाड़ौती ही नहीं राजस्थान का एक महत्वपूर्ण जिला है। लहसुन फसल में क्षेत्रफल, उत्पादन और उत्पादकता की दृष्टि से राजस्थान में प्रथम स्थान रखता है। पिछले सालों में राज्य में लहसुन की औसत 89 हजार 805 हैक्टेयर में बुवाई होकर औसत उत्पादकता 5916 किलोग्राम रही है।

इसमे बारां जिले का औसत क्षेत्रफल 30 हजार 714 हैक्टेयर रहा और उत्पादकता 6133 किलोग्राम रही है। लहसुन उत्पादन को लेकर जिले की छीपाबड़ौद व बारां को विशेषत: लहसुन मंडी घोषित किया गया। यहां पिछले तीन साल से औसतन 16 लाख क्विंटल लहसुन पहुंच रहा है।

Published on:
15 Jun 2026 09:23 am