बारां जिले के समरानियां कस्बे में स्थित निजी स्कूल के शिक्षकों ने 15 का पहाड़ा ना सुनाने पर तीसरी कक्षा की छात्रा से 70 उठक-बैठक लगवाईं।
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युमन हत्या कांड के बाद भी निजी स्कूलों के प्रबंधक बच्चों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर बिल्कुल भी संजीदा नहीं हैं। बारां जिले के समरानियां कस्बे के एक निजी स्कूल के शिक्षकों ने तो मानवता की सारी हदें ही पार कर दीं। स्कूल के शिक्षकों ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा वैष्णवी गोस्वामी को 15 का पहाड़ा सुनाने के लिए क्लास में खड़ा कर दिया, लेकिन वैष्णवी हिचक गई। वैष्णवी ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसे पहाड़े ना सुनाना इतना मंहगा पड़ेगा कि शिक्षक भरी क्लास के बीच 70 बार उठक-बैठक लगवा देंगे।
आठ दिन बाद भी पड़ी है बिस्तर पर
70 उठक बैठक लगाने के बाद वैष्णवी की हालत इस कदर खराब हो गई कि वह आठ दिन बाद भी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही है। वैष्णवी के पिता अशोक गोस्वामी ने बताया कि उसकी पुत्री पिछले सोमवार को स्कूल में पढऩे गई थी। इसी दौरान शिक्षक ने उसे 15 का पहाड़ा सुनाने के लिए कहा, लेकिन वैष्णवी को पूरा पहाड़ा याद नहीं रहा। आधा अधूरा पहाड़ा सुनाने से शिक्षक इस कदर नाराज हो गए कि पहले उन्होंने वैष्णवी को पीटा और फिर काफी देर तक क्लास के बाहर खड़ा रखा। इतने पर भी उनका मन नहीं भरा तो वैष्णवी से 70 बार उठक- बैठक लगवाई।
गोद में उठाकर ले जाते हैं अस्पताल
शिक्षक की प्रताड़ना से वैष्णवी की स्कूल में ही तबीयत खराब हो गई और वह बड़ी मुश्किल से घर तक पहुंच सकी, लेकिन उसके बाद पैरों पर खड़ी नहीं हो सकी। वैष्णवी के पैरों की हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि वह आठ दिन से वह बिस्तर पर ही पड़ी है। चलने फिरने में दिक्कत होने के कारण डॉक्टर को दिखाने के लिए भी वैष्णवी के पिता उसे गोद में उठाकर ले जाते हैं। हद तो यह है कि आठ दिन से बच्ची स्कूल नहीं गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इसकी वजह जानने तक की कोशिश नहीं की।