पाकिस्तान के भीतर जाकर सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था। यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया जाएगा।
गत मई में ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले बारां जिले के कुंजेड़ गांव निवासी भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को भारत सरकार की ओर से भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्ध कालीन वीरता पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया जाएगा। सरकार की ओर से गुरुवार को भारतीय वायु सेना के 9 अधिकारियों को वीर चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई।
इसमें बारां के कुंजेड़ निवासी पाटनी का नाम भी शामिल है। इन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान के भीतर जाकर सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
अनिमेश की टीम ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत वायु सेना ने पाकिस्तान के मुरिदके और बहावलपुर में आतंकवादी समूहों के मुख्यालय और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया थ। टीम के ऑपरेशन में शामिल अधिकारी आतंकवाद विरोधी अभियान में अपनी बहादुरी और रणनीतिक कौशल के लिए जाने जाते हैं। पाटनी के इस योगदान से बारां समेत राजस्थान प्रदेश और हाड़ौती क्षेत्र को गौरान्वित किया है। उनके पैतृक गांव कुजेंड ओर बारां जिले वासियों में खुशी की लहर है।
भारत सरकार ने गुरुवार को 9 भारतीय वायुसेना अधिकारियों ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, ग्रुप कैप्टन, मनीष अरोड़ा, एससी ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी, ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा, डब्ल्यूजी सीडीआर जॉय चंद्रा, बेटा लोर सार्थक कुमार, बेटा एलडीआर सिद्धांत सिंह, बेटा एलडीआर रिजवान मलिक को सम्मानित करने की घोषणा की है। युद्धकाल में दिया जाने वाला तीसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है।
अनिमेष के बड़े भाई एडवोकेट प्रशांत पाटनी ने बताया कि वीर चक्र प्राप्त करने वाले अधिकारियों को उनकी बहादुरी और सेवा के लिए सम्मानित किया गया हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं भारत के आदमपुर एयर फोर्स बेस स्टेशन पहुंचकर अनिमेष पाटनी को शाबाशी देते हुए उनसे ऑपरेशन की सफलता ओर अनुभव के बारे में जानकारी ली थी।