विद्युत निगम की लापरवाही से झूल रहे तार के थ्रेसर से छू जाने पर किसान की करंट से जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
छबड़ा। विद्युत निगम की लापरवाही से झूल रहे तार के थ्रेसर से छू जाने पर किसान की करंट से जलकर दर्दनाक मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को पांच घंटे तक चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन किया और 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे।
विद्युत निगम के एईएन ने पांच लाख की राशि शीघ्र दिलवाने एवं एसडीएम की समझाइश के बाद ग्रामीण मृतक का पोस्टमार्टम करवाने को तैयार हुए। स्थानीय विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने जिला कलक्टर से वार्ता कर अधिक से अधिक सहायता राशि दिलाने का आश्वासन दिया।
पचपाड़ा निवासी हेमराज मीणा ने बताया कि उसका छोटा भाई मुकेश मीणा (35 ) रविवार शाम को थ्रेसर से सोयाबीन निकाल रहा था। यहां केलखेड़ी ग्रिड से गोपालपाड़ा की ओर जा रही 11 केवी लाइन का झूलता तार थ्रेसर के डाले से छू गया। विद्युत करंट की चपेट में आने से टैक्टर टायर सहित जल गया। थ्रेसर पर काम कर रहे मुकेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई। परिजन मुकेश के शव को चिकित्सालय लाए और मोर्चरी में रखवाया।
ग्रामीणों ने किया पांच घंटे प्रदर्शन
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण चिकित्सालय पहुंचे और मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए की नकद राशि व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़ गए। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि विद्युत निगम की ओर से प्रतिवर्ष लाइनों की मरम्मत का बजट उठा लिया जाता है, लेकिन मरम्मत कार्य नहीं किया जाता।
एसडीएम व डीएसपी ने की समझाइश
मौके पर पहुंचे एडीएम सुरेश हरसोलिया, डीएसपी पूजा नागर व सीआई राजेश मीणा ने ग्रामीणों की समझाइश की। एईएन मुकेश चौहान ने भी निगम की ओर से पांच लाख रुपए क्लेम राशि दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। पांच घंटे तक धरना प्रदर्शन के बाद दोपहर तीन बजे एसडीएम ने जिला कलक्टर से वार्ता कर दो बार ग्रामीणों की समझाइश की और एईएन चौहान ने सात अक्टूबर को पांच लाख रुपए का चैक देने का लिखित आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीण पोस्टमार्टम करवाने को तैयार हुए।