साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को अपना शिकार बनाकर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। एक मामले में फर्जी महिला सेना अधिकारी बनकर रिटायर्ड फौजी को प्रेम और कारोबार का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में ई-चालान के नाम पर भेजी गई फाइल खोलते ही युवक का बैंक खाता खाली कर दिया गया।
बरेली। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को अपना शिकार बनाकर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। एक मामले में फर्जी महिला सेना अधिकारी बनकर रिटायर्ड फौजी को प्रेम और कारोबार का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में ई-चालान के नाम पर भेजी गई फाइल खोलते ही युवक का बैंक खाता खाली कर दिया गया। दोनों मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाना बरेली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पहला मामला फरीदपुर क्षेत्र का है, बुखारा रोड ताज कॉलोनी निवासी रिटायर्ड फौजी राम प्रताप पुत्र बाबूराम ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक महिला ने कॉल और चैटिंग शुरू की और स्वयं को सेना में अधिकारी बताया। महिला ने खुद को मुसीबत में बताते हुए भारत आकर प्रॉपर्टी बिजनेस करने और रकम लौटाने का झांसा दिया। महिला के लगातार संपर्क और ई-मेल व मैसेज के जरिए दबाव बनाने पर पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। जांच में सामने आया है कि यह रकम पवन दास, मनीष दास और कृष्णदेव के नाम से खुले खातों में ट्रांसफर कराई गई। कुल मिलाकर साइबर ठगों ने पीड़ित से 9 लाख 8 हजार रुपये की ठगी की।
दूसरा मामला थाना किला क्षेत्र का है, साहूकारा निवासी हर्ष कपूर पुत्र संतोष कपूर ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर ई-चालान के नाम से एक संदिग्ध फाइल भेजी गई। फाइल खोलने के बाद अगले दिन 22 दिसंबर 2025 को उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से चार बार में कुल 6 लाख 86 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से रुपये कटने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई और बाद में साइबर क्राइम थाना बरेली में लिखित तहरीर दी। जिसके बाद साइबर थाने ने रिपोर्ट दर्ज की है।
दोनों मामलों में साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, फाइल या मैसेज पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में दें।