रामनगर स्थित महाभारतकालीन लीलौर झील (यक्ष सरोवर) में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। लीलौर बुजुर्ग निवासी 16 वर्षीय किशोर जितेंद्र उर्फ भूरा की झील में डूबकर मौत हो गई। घंटों मशक्कत के बाद बुधवार सुबह गोताखोरों ने उसका शव बाहर निकाला। इस घटना से इलाके में मातम पसर गया है। साथ ही झील पर सुरक्षा इंतजाम न होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
बरेली। रामनगर स्थित महाभारतकालीन लीलौर झील (यक्ष सरोवर) में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। लीलौर बुजुर्ग निवासी 16 वर्षीय किशोर जितेंद्र उर्फ भूरा की झील में डूबकर मौत हो गई। घंटों मशक्कत के बाद बुधवार सुबह गोताखोरों ने उसका शव बाहर निकाला। इस घटना से इलाके में मातम पसर गया है। साथ ही झील पर सुरक्षा इंतजाम न होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
परिजनों के मुताबिक जितेंद्र मंगलवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद घर से घूमने निकला था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। रात करीब डेढ़ बजे झील किनारे उसके कपड़े और चप्पल मिले तो अनहोनी की आशंका गहरा गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गोताखोर बुलाए, जिन्होंने बुधवार सुबह छह बजे शव झील से बाहर निकाला।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात तो कर रहा है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम पूरी तरह नदारद हैं। झील पर न कोई चौकीदार है और न ही निगरानी की व्यवस्था। यहां तक कि छोटे-छोटे बच्चे भी बिना रोक-टोक नाव लेकर झील में उतर जाते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि झील पर चौकीदार तैनात किया जाए और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि आगे ऐसे हादसे दोबारा न हों।