बरेली में उपद्रव के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खां और उनके नजदीकी लोगों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को फाइक एनक्लेव, जगतपुर और पुराने शहर के इलाकों में वीडीए और प्रशासन की संयुक्त टीम ने फरहत, मोहम्मद आरिफ व अन्य के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में आठ अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है।
बरेली। बरेली में उपद्रव के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा खां और उनके नजदीकी लोगों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार को फाइक एनक्लेव, जगतपुर और पुराने शहर के इलाकों में वीडीए और प्रशासन की संयुक्त टीम ने फरहत, मोहम्मद आरिफ व अन्य के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में आठ अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है। मंगलवार को इनपर बुलडोजर चल सकता है।
फाइक एनक्लेव, अब सिर्फ एक रहवासी कॉलोनी नहीं, बल्कि एक के बाद एक खुलासों से अपराधियों की पनाहगाह बनकर उभर रहा है। पिछले दिनों प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद के साले सद्दाम का भी अड्डा यहीं मिला था, जो यहीं से अतीक-अशरफ गैंग का संचालन करता था। पुलिस ने उस वक्त उसका ठिकाना सील कर दिया था।
अब इसी कॉलोनी से मौलाना तौकीर के करीबी फरहत और कॉलोनाइजर मोहम्मद आरिफ की साजिशों के तार जुड़ते पाए गए हैं। आरिफ के बेटे की साझेदारी सद्दाम के साथ उजागर हो चुकी है, और अब खुद आरिफ पर भी सरकारी ज़मीन, चकरोड और सीलिंग क्षेत्र पर अवैध कब्जे के गंभीर आरोप लगे हैं।
सूत्रों की मानें तो मौलाना तौकीर के संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति आरिफ के होटल व लॉन में बनती थी।
फरहत और आरिफ के होटल "स्काईलार्क", "फहम लॉन" और "फ्लोरा गार्डन" को रविवार को बीडीए ने सील कर दिया था। इनमें से कुछ भवन पीडब्ल्यूडी की जमीन और सीलिंग क्षेत्र पर बने हैं। आरिफ पर पहले भी अवैध निर्माण और सरकारी भूमि कब्जाने के मामले दर्ज हो चुके हैं, मगर हर बार वह सियासी रसूख के चलते बचता रहा। इस बार प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि "बच निकलने का रास्ता अब बंद है।"
सोमवार को दिनभर चले चिन्हांकन अभियान में फाइक एनक्लेव, जगतपुर और पुराना शहर क्षेत्र की आठ अवैध संपत्तियों की पुष्टि हुई। इन सभी का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया है, और कई में सरकारी भूमि पर कब्जे की बात भी सामने आई है।
वीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि “सरकारी भूमि और सीलिंग एरिया में किए गए अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। चिन्हित संपत्तियों पर नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
पहलवान साहब की दरगाह की छत पर बनी दुकानों को भी निगम ने चिन्हित कर लाल निशान लगा दिया है। ये दुकानें भी बिना नक्शा स्वीकृति और सरकारी छत पर बनाई गई हैं, जो स्पष्ट रूप से अवैध निर्माण की श्रेणी में आती हैं।
लोक निर्माण विभाग ने भी फाइक एनक्लेव में आरिफ द्वारा सड़क और चकरोड कब्जाने को लेकर पूर्व में नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब नहीं आया। अब प्रशासन कब्जे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।
बरेली में उपद्रव फैलाने की साजिश में मौलाना तौकीर का करीबी नेटवर्क, जिसमें फरहत, आरिफ, नदीम, नफीस जैसे नाम शामिल हैं, अब प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क केवल धार्मिक आधार पर भीड़ को भड़काने में नहीं, बल्कि वित्तीय और रणनीतिक स्तर पर भी सक्रिय रहा है।
इस नेटवर्क के फाइनेंसर, होटल, लॉन और अन्य अवैध संपत्तियों के माध्यम से फंडिंग कर रहे थे, जिससे कार्यक्रमों की आड़ में साजिशें रची जा रही थीं।
सोमवार देर रात तक प्रशासनिक स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें चलती रहीं। फाइनल रूपरेखा तैयार हो चुकी है। मंगलवार सुबह फाइक एनक्लेव, जगतपुर और पुराने शहर में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाए जाने की पूरी संभावना है। एसएसपी अनुराग आर्य, वीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए., नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और सीओ स्तर के अधिकारी मंगलवार सुबह से ही फील्ड पर रहेंगे।