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2027 की चुनावी जंग से पहले बरेली में भाजपा ने दिखाई संगठन की ताकत, नड्डा-मौर्य और जयंत संग सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

Bareilly News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत मंगलवार को आयोजित पदयात्रा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी एक मंच पर नजर आए।
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Updated: 3 Nov 2026, 5:03 PM IST
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पदयात्रा में मौजूद भाजपा के दिग्गज नेता।

बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत मंगलवार को आयोजित पदयात्रा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी एक मंच पर नजर आए। राजेंद्रनगर के स्वयंवर बारातघर में नेताओं के संबोधन के बाद पदयात्रा शुरू हो गई। ब्रज क्षेत्र के कई जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच भाजपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाई। विधानसभा चुनाव से पहले इस बड़े आयोजन ने बरेली का सियासी पारा चढ़ा दिया है।

मंगलवार को राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर में भाजपा के बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा दोपहर करीब 1:35 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। मंच पर उनके साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। मंच से संबोधन का सिलसिला पूरा होने के बाद नेताओं ने पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

स्वागत करने के लिए खड़े भाजपा नेता।

बरेली की सड़कों पर भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, ब्रज क्षेत्र से जुटे कार्यकर्ता

विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। बरेली में आयोजित पदयात्रा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता पहुंचे। सुबह से ही स्वयंवर बारातघर के आसपास कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया था। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने आयोजन का सियासी महत्व और बढ़ा दिया। भाजपा इस पदयात्रा के जरिए कार्यकर्ताओं की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रही है।

स्वयंवर बारातघर से शहीद स्तंभ तक पदयात्रा, 2.15 किलोमीटर का सफर

भाजपा की पदयात्रा राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर से शुरू हो चुकी है। करीब 2.15 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन डीडीपुरम स्थित शहीद स्तंभ पर होना है। तय मार्ग के मुताबिक, पदयात्रा बांके बिहारी मंदिर से होते हुए शिवाजी चौक यानी शील चौराहे पहुंचेगी। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाना है। इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहीद पंकज अरोड़ा स्मारक पहुंचेगा, जहां शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर यात्रा का समापन होगा। पदयात्रा दोपहर 3:35 बजे तक पूरी होने का कार्यक्रम है।

रुट पर तैनात एसपी ट्रैफिक और पुलिस फोर्स।

मंच पर दिखे भाजपा के कई बड़े चेहरे, दिग्गजों की मौजूदगी से बढ़ी हलचल

बरेली में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई प्रमुख चेहरे एक साथ नजर आए। प्रदेश उपाध्यक्ष गीता शाक्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य समेत कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को महज एक पदयात्रा तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे चुनाव से पहले भाजपा के बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

पदयात्रा के बाद सर्किट हाउस में सियासी मंथन, विकास कार्यों की भी होगी समीक्षा

बरेली में भाजपा का कार्यक्रम अभी जारी है। पदयात्रा पूरी होने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा का कार्यक्रम तय है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। इसके बाद अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा भी प्रस्तावित है।

सड़कों पर जुटी भीड़।

2027 से पहले बरेली से बड़ा सियासी संदेश देने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में अगली विधानसभा चुनावी लड़ाई से पहले भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियों की रफ्तार बढ़ा दी है। बरेली में जेपी नड्डा, केशव प्रसाद मौर्य और जयंत चौधरी की मौजूदगी में निकाली जा रही पदयात्रा को राजनीतिक लिहाज से अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस आयोजन में भाजपा के साथ सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख भी शामिल हुए हैं। ऐसे में पदयात्रा के जरिए भाजपा संगठन की सक्रियता के साथ गठबंधन की एकजुटता का संदेश भी सामने आया है। फिलहाल नेताओं और कार्यकर्ताओं की पदयात्रा जारी है, जबकि इसके बाद सर्किट हाउस में होने वाली बैठकों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।