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बरेली: कुलपति का करीबी, नेताओं का रसूखदार, CM के साथ फोटो दिखाकर हड़पे 15.50 लाख, SSP ने कराई FIR, जानें पूरा मामला

Bareilly News: रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जमीन का सीमांकन विवाद निपटवाने के नाम पर पांच लोगों से 15.50 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ के कौन्तेय सिंह ने खुद को विश्वविद्यालय के कुलपति का करीबी और शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारियों व नेताओं का खास बताकर पीड़ितों को अपने प्रभाव में लिया।
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Updated: 7 Nov 2026, 2:34 PM IST
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AI चित्र।

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जमीन का सीमांकन विवाद निपटवाने के नाम पर पांच लोगों से 15.50 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ के कौन्तेय सिंह ने खुद को विश्वविद्यालय के कुलपति का करीबी और शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारियों व नेताओं का खास बताकर पीड़ितों को अपने प्रभाव में लिया। तीन साल तक विवाद नहीं सुलझा तो पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपी ने रुपये लौटाने के बजाय गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दे डाली। एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत के बाद बारादरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

कुलपति से करीबी और नेताओं से रसूख का दिया झांसा

सिविल लाइंस निवासी सुमित भारद्वाज समेत पांच लोगों की नबादा जोगियान में गाटा संख्या 374 और 105 की जमीन है। इस जमीन के सीमांकन को लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी बीच लखनऊ निवासी कौन्तेय सिंह ने सुमित से संपर्क किया। उसने खुद को विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति केपी सिंह का करीबी बताते हुए दावा किया कि लखनऊ में शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारियों और राजनीतिक लोगों से उसकी अच्छी जान-पहचान है।

मुख्यमंत्री के साथ फोटो और फर्जी वीडियो दिखाकर जीता भरोसा

आरोप है कि कौन्तेय सिंह अपनी फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप डीपी पर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाता था। वह नेताओं के साथ उठने-बैठने और बरेली आने पर सर्किट हाउस समेत सरकारी गेस्ट हाउसों में ठहरने की बात कहता था। अपना प्रभाव दिखाने के लिए उसने एडिट किए हुए वीडियो भी दिखाए। उसकी बातों में आकर पांचों लोगों ने जमीन का विवाद निपटवाने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय कर लिया। आरोपी ने शुरुआत में 15.50 लाख रुपये मांगे।

सर्किट हाउस और लखनऊ के अपार्टमेंट में दिए 15.50 लाख

पीड़ितों के मुताबिक, 19 जून 2022 से 10 दिसंबर 2022 के बीच अलग-अलग तारीखों में आरोपी को 15.50 लाख रुपये दिए गए। इनमें एक अगस्त 2022 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित उसके अपार्टमेंट में दिए गए 10 लाख रुपये भी शामिल हैं। बाकी रकम बरेली के सर्किट हाउस और रेलवे जंक्शन के पास कार्यालय में दी गई। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास रुपये देने से जुड़े व्हाट्सएप संदेश और बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद हैं।

तीन साल तक नहीं सुलझा विवाद, लौटाए सिर्फ एक लाख

आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी कौन्तेय सिंह ने जमीन का विवाद नहीं सुलझाया। कई बार रुपये वापस मांगने पर वह टालमटोल करता रहा। 25 अगस्त 2024 को उसने रचिता अग्रवाल के खाते से राम बहादुर के खाते में एक लाख रुपये भिजवाए। इसके बाद भी बाकी रकम वापस नहीं की।

शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी

पीड़ितों का आरोप है कि 25 फरवरी 2026 को सुमित भारद्वाज ने फोन कर पूरी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि कहीं शिकायत की तो जान से मरवा देगा और सभी को झूठे मुकदमों में फंसा देगा। उसने अपने राजनीतिक संपर्कों और शासन-प्रशासन में पकड़ होने की बात कहकर डराने की कोशिश भी की।

SSP के आदेश पर एफआईआर

सुमित भारद्वाज, रामबाबू सिंह एडवोकेट, राम बहादुर, आशिक अली और गौरव कन्नौजिया ने एसएसपी अनुराग आर्य से मामले की शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर बारादरी पुलिस ने लखनऊ निवासी कौन्तेय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।