नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने बरेली की एक युवती से तीन लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भरोसा जीतकर किस्तों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीड़िता डिम्पल दुबे ने मामले की शिकायत एसएसपी और साइबर क्राइम पोर्टल पर की। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बरेली। नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने बरेली की एक युवती से तीन लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ठगों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए भरोसा जीतकर किस्तों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीड़िता डिम्पल दुबे ने मामले की शिकायत एसएसपी और साइबर क्राइम पोर्टल पर की। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
बारादरी के संजय नगर सैनिक कॉलोनी निवासी डिम्पल दुबे को रिया शर्मा नाम की प्रोफाइल से एक व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज में ऑनलाइन पार्ट टाइम और फुल टाइम जॉब के जरिए अच्छी कमाई का ऑफर दिया गया था। डिम्पल झांसे में आ गई और दिए गए टेलीग्राम लिंक पर जुड़ गई। इसके बाद उसे अलग-अलग नामों से चैटिंग कर रुपए निवेश करने को कहा गया।
डिम्पल ने 19 और 20 मई को छह बार अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर कुल 3,32,995 ट्रांसफर किए। पहली बार में 995 रुपये विकास नाम की आईडी पर दूसरी बार में 12 हजार रुपये देवेंद्र नाम की आईडी पर, तीसरी बार में 25 हजार रुपये रविंद्र नाम की आईडी पर, चौथी बार में 50 हजार रुपये राम प्रसाद नाम की आईडी पर पांचवी बार में 2.10 लाख रुपये राकेश पुत्र मंगला राम, निवासी जोधपुर के खाते में और छठी बार में 35 हजार रुपये धर्मेन्द्र सिंह के खाते में यूपीआई के जरिए भेजे थे।
पीड़िता डिम्पल ने साइबर पोर्टल के अलावा एसएसपी अनुराग आर्य से भी ठगी की शिकायत की है। हालांकि 2.10 लाख वाले आरटीजीएस ट्रांजेक्शन की शिकायत तकनीकी कारणों से दर्ज नहीं हो सकी। पीड़िता ने बताया कि पैसे भेजने के बाद जब उसने भुगतान का लाभ लेने की बात कही तो आरोपियों ने बात करना बंद कर दिया। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।