Bareilly News: आईपीएल सट्टेबाजी, हवाला और करोड़ों के काले ट्रांजेक्शन के खेल में गिरफ्तार हुआ फरीदपुर का ओमेंद्र यादव अब पुलिस की गिरफ्त से सीधे जेल पहुंच चुका है।
बरेली। आईपीएल सट्टेबाजी, हवाला और करोड़ों के काले ट्रांजेक्शन के खेल में गिरफ्तार हुआ फरीदपुर का ओमेंद्र यादव अब पुलिस की गिरफ्त से सीधे जेल पहुंच चुका है। बदायूं से लेकर बरेली और फरीदपुर तक कई भाजपा नेताओं ने उसे बचाने के लिए पुलिस और अफसरों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन ईमानदार और तेजतर्रार एसएसपी अनुराग आर्य के सामने इस बार किसी की एक नहीं चली। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि सट्टेबाजी और हवाला के खेल में शामिल किसी भी चेहरे को बख्शा नहीं जाएगा।
ओमेंद्र की गिरफ्तारी के बाद अब बरेली के बड़े सट्टेबाज भूमिगत हो गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर के टॉप-30 सटोरिए रडार पर हैं और इनमें से कई नेपाल व गोवा भाग चुके हैं। पुलिस को लगातार उनकी लोकेशन नेपाल और गोवा से मिल रही है। ओमेंद्र के जेल जाते ही पूरे नेटवर्क में भगदड़ मच गई है। अब सवाल यही है कि पुलिस के डर से शहर छोड़कर भागे ये सट्टेबाज आखिर कब तक बाहर छिपे रहेंगे।
विश्वस्त सूत्रों से पता लगा कि ओमेंद्र यादव स्थानीय भाजपा नेताओं और पुलिस को महीना देता था, यही वजह थी कि आज तक उसके खिलाफ फरीदपुर में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। जबकि उसके पकड़े जाने के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं ने उसे छुड़ाने के लिए काफी पैरवी की। संगठन से लेकर जन प्रतिनिधि बनने की तैयारी कर रहे एक नेताजी ने तो काफी जोर लगाया कि ओमेंद्र छूट जाए लेकिन पुलिस ने किसी की बात नहीं सुनी। फरीदपुर में पूर्व में तैनात रह चुके इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्जों ने भी ओमेंद्र को छुड़ाने के लिए काफी जोर आजमाइश की। वर्तमान में भी थाने के कई सिपाही और दरोगाओं के नंबर और चैट ओमेंद्र के मोबाइल में मिली है। पुलिसकर्मियों से सांठगांठ की भी जांच पड़ताल की जा रही है और भाजपा नेताओं से हवाला कारोबारी के संबंधों की भी पड़ताल शुरू हो गई है।
फरीदपुर के कानून गोयान मोहल्ला निवासी ओमेंद्र यादव खुद को डेयरी कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर बताता था, लेकिन पुलिस जांच में वह हवाला कारोबार का लोकल सरगना निकला। “राधे इंटरप्राइजेज” के नाम से डेयरी सिर्फ दिखावा थी, जबकि अंदरखाने करोड़ों रुपये का खेल चल रहा था। पुलिस ने उसके दो बैंक खातों में करीब सात करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन पकड़े हैं। इनमें से एक खाते में करीब तीन करोड़ और फर्म के खाते में लगभग चार करोड़ रुपये का लेन-देन मिला। इतना ही नहीं, पुलिस ने पांच लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि ओमेंद्र ने 150 से ज्यादा खातों में रकम ट्रांसफर की थी। अब उन खातों की भी पड़ताल हो रही है।
पुलिस को ओमेंद्र के मोबाइल और व्हाट्सएप चैट से कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। हवाला की डील नोटों के नंबर और रकम की तारीख के आधार पर तय होती थी। उसके पास से नेपाली सिम कार्ड मिलने के बाद पुलिस को शक है कि नेटवर्क के तार सीधे नेपाल के हवाला कारोबारियों से जुड़े हैं। छापेमारी में पुलिस ने नकली आईफोन, नेपाली सिम, फर्जी आधार-पैन कार्ड, पासबुक, चेकबुक समेत कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में ओमेंद्र ने दिनेश, विपिन आनंद उर्फ ‘चीनी’ समेत कई नाम खोले हैं। अब पुलिस इन सभी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पूछताछ में ओमेंद्र यादव ने कबूला कि वह आईपीएल मैचों पर बड़े स्तर पर सट्टा खिलवाता था। जीतने वालों से 20 प्रतिशत और हारने वालों से 10 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था। पुलिस का दावा है कि उसके संपर्क बड़े सट्टा सरगनाओं से थे, जो सीधे रकम का हिसाब करते थे। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि लंबे समय से हवाला कारोबार की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई कर ओमेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
उमेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह पहले द्वारिकेश चीनी मिल में करीब 20 हजार रुपये महीने पर सुपरवाइजर था। कोविड के दौरान नौकरी छूटने के बाद उसकी मुलाकात मथुरा के एक युवक से हुई, जिसने उसे हवाला के धंधे में उतार दिया। आज उसके पास करोड़ों की संपत्ति, शराब की करीब 15 दुकानों और कई पेट्रोल पंपों में साझेदारी होने की बात भी सामने आई है।
अब पुलिस उसकी संपत्तियों का पूरा ब्यौरा जुटा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों पर भी शिकंजा कस सकता है।