13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिजली बिल में राहत दिलाने के नाम पर 18 हजार की रिश्वत लेते लाइनमैन गिरफ्तार

बिजली विभाग में बढ़े हुए बिलों के नाम पर चल रहे रिश्वतखोरी के खेल का बुधवार को बड़ा खुलासा हो गया। एंटी करप्शन की टीम ने बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

2 min read
Google source verification
Anti-corruption team arresting a power department contract worker in Bareilly for allegedly taking a bribe over electricity bill adjustment.

आरोपी लाइमैन

बरेली। बिजली विभाग में बढ़े हुए बिलों के नाम पर चल रहे रिश्वतखोरी के खेल का बुधवार को बड़ा खुलासा हो गया। एंटी करप्शन की टीम ने बिजली विभाग के एक संविदाकर्मी को 18 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में डीडीपुरम विद्युत उपकेंद्र के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को भी नामजद किया गया है।

एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल के मुताबिक इज्जतनगर की गोल्डन सिटी कॉलोनी निवासी अनस कादरी बिजली विभाग में लाइन कुली संविदाकर्मी के रूप में तैनात है। आरोप है कि उसने उपभोक्ता के बढ़े हुए बिजली बिल को सही कराने के बदले 18 हजार रुपये की मांग की थी। मॉडल टाउन निवासी नितिन आनंद ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की थी। शिकायत में बताया गया कि प्रेमनगर स्थित उनके मकान के बिजली बिल को कम कराने और समायोजन करने के नाम पर लगातार रिश्वत मांगी जा रही थी।

कैफे के पास बिछा जाल, रकम लेते ही दबोचा

शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम तैयार की गई। बुधवार दोपहर करीब 2:40 बजे प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में टीम ने मॉडल टाउन इलाके में एक कैफे के पास जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी अनस कादरी ने शिकायतकर्ता से 18 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जेई भी जांच के घेरे में

भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने इस मामले में डीडीपुरम विद्युत उपकेंद्र में तैनात अवर अभियंता जितेंद्र केसरवानी को भी नामजद किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बारादरी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है कि कहीं बिजली बिलों के नाम पर बड़े स्तर पर वसूली तो नहीं हो रही थी। संगठन ने साफ कहा है कि प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।