
मामले का खुलासा करतीं एसपी साउथ अंशिका वर्मा
बरेली। आईपीएल के रोमांच के बीच फरीदपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा खेल चल रहा था। रोडवेज बस स्टैंड के पास रात के अंधेरे में हार-जीत की लाखों की बाजियां लगाई जा रही थीं। पुलिस ने छापा मारा तो मौके पर भगदड़ मच गई। तीन सटोरिए अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जबकि पुलिस ने एक आरोपी को धर दबोचा। पकड़ा गया युवक कोई छोटा-मोटा खिलाड़ी नहीं, बल्कि प्रॉपर्टी डिलर और शराब के धंधे से जुड़ा परिवार का बेटा निकला।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बुधवार को खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फरीदपुर बस स्टैंड के पास कुछ युवक आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश दी। पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां बैठे युवक भागने लगे। तीन आरोपी अंधेरे में फरार हो गए, लेकिन एक युवक मोबाइल और कागजात समेटने में उलझ गया और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान निवासी 32 वर्षीय ओमेन्द्र के रूप में हुई। उसकी तलाशी ली गई तो पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नकद, आईफोन, नेपाली मोबाइल सिम, छह एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, दो आधार कार्ड और दो फर्जी पैन कार्ड बरामद हुए। पुलिस को शक है कि सट्टे के इस खेल में फर्जी बैंक खातों और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने पिता के साथ प्रॉपर्टी का काम करता है और शराब की दुकान पर भी बैठता है। उसने बताया कि आईपीएल मैचों में हार-जीत की बाजी लगाने से उसे तेज कमाई होने लगी थी और धीरे-धीरे उसे सट्टेबाजी की लत लग गई। आरोपी ने यह भी माना कि उसके खिलाफ पहले भी प्रेमनगर थाने में सट्टे और मारपीट के मामले दर्ज हो चुके हैं।
पुलिस ने ओमेन्द्र समेत कई लोगों के खिलाफ जुआ अधिनियम और बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कहीं इसके तार दूसरे जिलों या बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
Updated on:
13 May 2026, 4:11 PM IST
Published on:
13 May 2026, 4:10 PM IST
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