बरेली

Bareilly News: शादी का झांसा देकर बनाए संबंध, गर्भ ठहरने पर कराया गर्भपात, जानिए ऐसे मामलों में क्या है सजा का प्रावधान

Pregnancy and Law India: बरेली में शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और गर्भपात कराने के आरोप में युवक गिरफ्तार। जानिए ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कौन-सी धाराएं लग सकती हैं और क्या है सजा का प्रावधान।
2 min read
Jul 29, 2026
Bareilly News Marriage Promise Case False Promise of Marriage
शादी के नाम पर धोखा देने वालों पर कितना सख्त है कानून

Marriage Promise Case: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती का कथित तौर पर यौन शोषण करने और गर्भपात कराने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि गांव के रहने वाले कल्लू यादव ने उससे शादी करने का वादा किया। इसी भरोसे पर दोनों के बीच संबंध बने। कुछ समय बाद जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी ने शादी से इनकार करते हुए कथित तौर पर उसका गर्भपात करा दिया। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी के सहयोगी भोले और जवाहर ने उसे नोटरी के नाम पर कुछ दस्तावेजों पर बिना सही जानकारी दिए हस्ताक्षर करा लिए।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मंगलवार को सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी को मऊ चंदपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

ऐसे मामलों में क्या कहता है कानून?

यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी महिला की सहमति शादी के झूठे वादे के आधार पर प्राप्त की गई थी और शुरुआत से ही आरोपी का शादी करने का इरादा नहीं था, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह हर मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और अदालत की जांच पर निर्भर करता है। इसी तरह, यदि किसी महिला का उसकी इच्छा के विरुद्ध या धोखे से गर्भपात कराया जाता है, तो इसके लिए भी अलग से कठोर दंड का प्रावधान है।

किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई?

मामले की परिस्थितियों और जांच के आधार पर पुलिस निम्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर सकती है:

BNS की धारा 69: शादी या अन्य झूठे वादे के आधार पर बनाए गए यौन संबंध के मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

BNS की धारा 90: महिला की इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की सजा, साथ में जुर्माना हो सकता है।

BNS की धारा 61: यदि कई लोग मिलकर अपराध की साजिश रचते हैं, तो आपराधिक साजिश की धारा भी लागू हो सकती है।

यदि किसी व्यक्ति से धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए हों, तो मामले के तथ्यों के आधार पर धोखाधड़ी या जालसाजी से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

हर मामले में अलग होती है कानूनी जांच

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, शादी का वादा कर संबंध बनाने वाला हर मामला स्वतः अपराध की श्रेणी में नहीं आता। अदालत यह देखती है कि क्या शुरुआत से ही आरोपी का इरादा धोखा देने का था या बाद में परिस्थितियों के कारण शादी नहीं हो सकी। इसी आधार पर अपराध और सजा तय होती है।

Updated on:
29 Jul 2026 10:14 am
Published on:
29 Jul 2026 10:14 am