बरेली

उदयपुर में बरेली के आइआइएम छात्र ने की आत्महत्या, गमगीन माहौल में सुपर्द-ए-खाक हुआ फरहत, जाने पूरा मामला

बड़े सपने लेकर आइआइएम तक पहुंचे बरेली के 23 वर्षीय फरहत इशाक मोहम्मद अब इस दुनिया में नहीं रहे। रविवार रात उदयपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) के हॉस्टल में उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी।
less than 1 minute read
• •
Updated: 9 Sep 2025, 1:44 PM IST
Feature image
मृतक फरहत (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बरेली। बड़े सपने लेकर आइआइएम तक पहुंचे बरेली के 23 वर्षीय फरहत इशाक मोहम्मद अब इस दुनिया में नहीं रहे। रविवार रात उदयपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) के हॉस्टल में उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी।

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया गया और मंगलवार सुबह फतेहगंज पश्चिमी के गांव धंतिया स्थित कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में सुपर्द-ए-खाक कर दिया गया। जनाजे में गांव से लेकर आस-पास के इलाकों तक के लोग शामिल हुए।

पहले ही प्रयास में मिला आइआइएम का सपना

फरहत ने 2024 में बरेली के खंडेलवाल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी से बीसीए में 76 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद सीएटी परीक्षा में 98.42 पर्सेंटाइल लाकर उन्होंने पहले ही प्रयास में आइआइएम उदयपुर में दाखिला पाया था। वह एमबीए 2025-27 बैच का छात्र था।

बहनों ने पढ़ाकर बनाया काबिल

फरहत के पिता एलआईसी एजेंट हैं और उनकी मां का निधन बचपन में ही हो गया था। दो बहनों ने भाई को पाला-पोसा और पढ़ाई कराकर आइआइएम तक पहुंचाया। घर का इकलौता बेटा होने के नाते फरहत से परिवार की बड़ी उम्मीदें थीं। दोस्तों और सहपाठियों के मुताबिक, वह बेहद जिंदादिल और खुशमिजाज था। उसकी मौत से गांव ही नहीं, पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

संस्थान में भी मायूसी का माहौल

छात्र की मौत की खबर लगते ही आइआइएम उदयपुर परिसर में अफरातफरी मच गई। संस्थान प्रबंधन ने फरहत को होनहार और सक्रिय छात्र बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। मंगलवार को कैंपस में उसकी स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई।