
बरेली। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए करोड़ों रुपए खर्च करती हो लेकिन स्टाफ की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है जहां एक गर्भवती महिला ऑटो में प्रसव पीड़ा से चीखती रही लेकिन उसे देखने कोई नहीं आया जिसके बाद महिला ने ऑटो में ही बच्चे को जन्म दिया।
यह भी पढे़ं- जल्द शुरू होगा नाथ नगरी एयर टर्मिनल से हवाई सफर
एक घण्टे ऑटो में पड़ी रही महिला
इज़्ज़तनगर के पीरबहोड़ा निवासी नसीमुद्दीन की पत्नी के अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। नसीमुद्दीन ऑटो में अपनी पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचा जहां अस्पताल के गेट पर महिला प्रसव पीड़ा से चीखती रही लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं आया। नसीमुद्दीन का आरोप है कि करीब एक घण्टे से उसकी पत्नी जिला महिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के सामने ऑटो में प्रसव पीड़ा से चीख रही है लेकिन अस्पताल प्रशासन की तरफ से किसी ने सुध नहीं ली। जिस वजह से ऑटो में ही डिलीवरी हो गई।
सीएमएस बोली आरोप बेबुनियाद
इस मामले में जिला अस्पताल की सीएमएस डॉक्टर साधना सक्सेना का कहना है कि नसीमुद्दीन झूठ बोल रहा है। उसे आये हुए अभी पांच मिनट ही हुए हैं और जैसे ही अस्पताल के स्टाफ को सूचना मिली अस्पताल के स्टाफ ने जच्चा बच्चा को भर्ती किया।
यह भी पढे़ं- IRCTC लाया सबसे सस्ता टूर पैकेज, 540 में ताजमहल और 926 रुपए में घूमिए मथुरा-वृंदावन