
आनन्द सैमसन और बिशप पादरी सीजी दयानन्द।
Bareilly News: मेथोडिस्ट चर्च ऑफ इंडिया के कथित पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब एमसीआई के बिशप और पादरी समेत सात पदाधिकारियों पर थाना कैंट में FIR दर्ज की गई है। उन पर चर्च के रिकार्ड गायब करने, धार्मिक संस्कारों (संविधान में वर्णित मूल अधिकारों) से रोकने समेत कई गंभीर आरोप हैं।
नैनीताल रोड स्थित बीडीए कॉलोनी निवासी अरुण थामस का कहना है कि उनका परिवार पीढ़ियों से 22 कैंट चर्च, सदर बाजार से जुड़ा है। वर्ष 2004 में उनकी शादी भी इसी चर्च में तत्कालीन पादरी आईसी लाल ने धार्मिक रीति-रिवाज से कराई थी। उनकी बेटी का नामकरण संस्कार भी यहीं हुआ था। आरोप है कि अब उनके और पूर्वजों से जुड़े धार्मिक रिकॉर्ड चर्च से गायब कर दिए गए।
उनकी बेटी के 18 वर्ष की होने के बाद ईसाई धर्म की परंपरा के मुताबिक उसका कंफर्मेशन संस्कार होना था, लेकिन उसे नहीं होने दिया गया। आरोप है कि महानगर के रहने वाले राजीव मसीह, मिशन कंपाउंड निवासी पादरी संजीव मसीह, मुंबई निवासी बिशप पादरी सीजी दयानन्द, नवाबगंज के गांधी टोला निवासी आनन्द सैमसन, पादरी शिवचन्द, बिशप मंडल इंटर कालेज कैंपस निवासी एमसीआई के कथित चेयरमैन जगमोहन सिंह और फिरोज रुस्तम ने मिलकर परिवार के धार्मिक संस्कारों में बाधा डाली। लंबे समय से 22 कैंट चर्च से जुड़े कुछ पुराने अनुयायियों को भी चर्च में आने से रोका जा रहा है।
अरुण ने बताया कि संजय एंथोनी के परिवार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके अंतिम संस्कार में भी काफी परेशानी हुई। परिवार को चर्च से मिलने वाला मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं दिया गया और उनके बच्चों के कंफर्मेशन संस्कार में भी बाधा डाली गई। इसके अलावा कई ऐसे लोग हैं जो गैर ईसाई हैं। उन्हें प्रॉपर्टी खुर्द बुर्द करने के कारण चर्च की कमेटी में मेंबर बनाया जा रहा है। चर्च की संपत्तियों का केयर टेकर बनाया जा रहा है।
अरुण ने बताया कि 21 जुलाई की शाम करीब छह बजे वह कैंट क्षेत्र में चर्च के पास इस मामले में बात करने पहुंचे थे। आरोप है कि बिशप के इशारे पर मुकदमे में नामजद कुछ दबंगों ने वहां कहासुनी के बाद उनका कॉलर पकड़ लिया और मारपीट की। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गये। अरुण के दोस्त एल्बर्ट बेंजामिन और मो. रजा उनको हास्पिटल ले गये। जहां उन्हें काफी गुम चोटें आने के बारे में पता लगा।
खुद को प्रॉपर्टी चेयरमैन बताने वाले जगमोहन सिंह पहले ही दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने और मकान व नौकरी का लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश के आरोपों में जेल में बंद हैं। बरेली सेशन कोर्ट से उनकी जमानत खारिज है। राजीव मसीह फरार चल रहे हैं। संजीव उर्फ जाहिद अंडरग्राउंड हो गया है। अब धार्मिक रिकॉर्ड गायब करने और संस्कारों में बाधा डालने के आरोपों वाली नई एफआईआर ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कैंट थाना पुलिस ने बिशप सीजी दयानंद, आनंद सैमसन, पादरी संजीव मसीह, पादरी शिवचंद, जगमोहन सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
12 Aug 2026 08:15 pm
Published on:
12 Aug 2026 08:15 pm
