सन्तोष गंगवार को बड़े कुर्मी नेता के रूप में भी जाना जाता है और बरेली में कुर्मी मतदाता तीन लाख 50 हजार के करीब हैं।
बरेली। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी दल तैयारियों में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा को घेरने के लिए विपक्ष के महागठबन्धन का खाका तैयार हो रहा है। फूलपुर और गोरखपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव में विपक्ष का ये फार्मूला कामयाब रहा। 2019 के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस मिल कर चुनाव लड़ सकती है ताकि भाजपा को रोका जा सके। अगर बात करें बरेली लोकसभा की तो यहां पर 1989 से संतोष गंगवार का ही जलवा रहा है। संतोष गंगवार अब तक सात बार लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं इस दौरान वो सिर्फ एक बार 2009 में ही चुनाव हारे हैं। पिछली बार हुए चुनाव में मोदी लहर में सन्तोष गंगवार ने कुल वोट का 50.90 प्रतिशत वोट हासिल कर 2,40,685 मतों से जीत हासिल की थी और उन्हें मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया गया है।
तीनों पार्टी से ज्यादा वोट मिले
2009 में मिली हार के बाद 2014 में भाजपा ने एक बार फिर संतोष गंगवार पर ही भरोसा जताया और उन्हें लोकसभा का टिकट दिया। मोदी लहर में संतोष गंगवार को 5,18,258 वोट मिले जबकि दूसरे नम्बर पर रही सपा की आयशा इस्लाम को 2,77,573 वोट ही हासिल हुए और संतोष गंगवार ने 2,40,685 वोटों से जीत हासिल की इस चुनाव में बसपा के उमेश गौतम को 106049 और कांग्रेस के प्रवीण सिंह एरन को 84213 वोट ही हासिल हुए। इस चुनाव में संतोष गंगवार को 2009 के चुनाव की तुलना में 20.91 प्रतिशत ज्यादा वोट प्राप्त हुए और उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस के कुल वोटों से ज्यादा वोट मिले।
2009 में मिली थी हार
संतोष गंगवार 1989 में बरेली लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर पहली बार लोकसभा पहुंचे थे जिसके बाद उन्होंने लगातार 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लगातार छह बार जीत हासिल की लेकिन 2009 के चुनाव में संतोष गंगवार को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के प्रवीण सिंह एरन ने संतोष गंगवार का विजय रथ रोक दिया था। इस चुनाव में एरन को 220976 वोट मिले जबकि संतोष गंगवार को 211638 मत ही प्राप्त हुए और संतोष को 9338 मतों से हार का सामना करना पड़ा इस चुनाव में बसपा के इस्लाम साबिर को 181996 और सपा के भगवतशरण गंगवार को 73549 वोट हासिल हुए।
कुर्मी नेता की है पहचान
सन्तोष गंगवार को बड़े कुर्मी नेता के रूप में भी जाना जाता है और बरेली में कुर्मी मतदाता तीन लाख 50 हजार के करीब हैं जिसके कारण संतोष गंगवार यहां से सात बार सांसद चुने गए हैं।