
बरेली। नवाबगंज नगर पालिका में मंगलवार को सदस्यों के लिए शपथ ग्रहण का आयोजन हुआ। नवाबगंज नगर पालिका से अध्यक्ष चुनी गईं शहला ताहिर मुकदमे में वांछित चल रही हैं। जिस कारण से प्रशासन ने उनके शपथ लेने पर रोक लगा दी थी। शपथ ग्रहण सदस्यों के लिए आयोजित किया गया था। समारोह में 25 में महज छह सभासद ही शपथ लेने पहुंचे, जबकि 13 मुस्लिम सभासदों समेत 19 सभासद शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुचे। ऐसा माना जा रहा है कि ये लोग शहला ताहिर के समर्थन में शपथ लेने नहीं पहुंचे।
मतदान वाले दिन दर्ज हुआ था केस
बसपा के सिम्बल पर चुनाव लड़ीं शहला ताहिर और उनके समर्थकों पर भाजपाइयों पर पथराव, जानलेवा हमला और फर्जी वोटिंग कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद से शहला ताहिर फरार हैं। वो कोर्ट से गिरफ्तारी रोकने का स्टे लेने की कोशिश में हैं। वहीं वांटेड होने के कारण उनके शपथ लेने पर रोक लगा दी गई थी। जिसके कारण वो शपथ नहीं ले पाई।
शहला ताहिर का जलवा कायम
नव निर्वाचित अध्यक्ष शहला ताहिर की शपथ पर रोक के बाद उनके समर्थक सदस्य भी शपथ लेने नही पहुंचे। शपथ ग्रहण समारोह में महज छह सभासद की शपथ लेने पहुंचे। बाकी 19 सभासदों ने शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रखी। इससे ये साबित होता है कि 25 में 19 सभासद शहला ताहिर के समर्थन में है।
पिछला चुनाव सपा के टिकट पर जीता
शहला ताहिर नवाबगंज नगर पालिका से लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर चुनी गई हैं। 2012 में हुए चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के समर्थन से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। शहला ताहिर सपा के शिवपाल खेमे की नेता है और जब सपा में परिवार का झगड़ा चला तो उनका विधानसभा का टिकट काट दिया गया। जिस पर उन्होंने सपा छोड़ कर आईएमसी ज्वाइन की और आईएमसी से विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। नगर निकाय चुनाव से पहले वो बसपा में शामिल हुई और बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राठौर के छोटे भाई की पत्नी को चुनाव में हराकर जीत हासिल की।
शासन तक पहुंची गूंज
नवाबगंज नगर पालिका के चुनाव में मतदान और मतगणना वाले दिन जमकर बवाल हुआ। भाजपा के जिलाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राठौर ने आरोप लगाया था कि अफसर उनकी सुन नहीं रहे। जिससे शहला ताहिर ने फर्जी वोटिंग करा दी मतगणना वाले दिन रविन्द्र राठौर मतगणना स्थल पर पहुंच गए। जिसके बाद एसडीएम नवाबगंज ने उन पर हमले का आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज करा दिया। ये मामला सुर्खियों में आया और इसकी गूंज लखनऊ तक सुनी गई।