
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से दस्तक दे चुका है। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं इस कारण बिजली व्यवस्था भी चरमरा रही है। तेज हवा और बारिश ने बरेली में जमकर कहर बरपाया है। इस कारण कई जगह बड़े-बड़े पेड़ टूटने की घटनाएं हुई हैं। कई जगह बिजली लाइनों पर पेड़ टूटकर गिरने से और बिजली के खंभे उखड़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। बरेली शहर के सिविल लाइंस, रामपुर बाग, कुतुबखाना, डीडीपुरम और डेलापीर इलाके समेत दर्जनभर से अधिक स्थानों पर फाल्ट के कारण बत्ती गुल हो गई। अनुमान के अनुसार, शहर के लगभग 70 हजार घरों की बिजली आपूर्ति आधी रात बंद रही। लोगों को उमस भरी गर्मी में ही रात गुजारनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि सुभाष नगर में 33 केवी की लाइन में फाल्ट से लगभग 18 हजार बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, मढ़ीनाथ की लाइन फाल्ट के कारण गणेश नगर, राजीव कालोनी, शांति विहार और बदायूं रोड स्थित लगभग 4 हजार घरों की बत्ती गुल रही। जबकि कुतुबखाना में 33 केवी की लाइन टूटने के कारण क्षेत्र के 9000 घरों में देर रात तक बत्ती गुल रही। इस कारण कुतुबखाना क्षेत्र के बड़ा बाजार, बिहारी पुर, कुमार टाकीज, पुराना रोडवेज, आजमनगर और सिविल लाइंस क्षेत्र बिजली सप्लाई बाधित रही।
पेड़ और बिजली के खंबे गिरने से आपूर्ति बाधित
वहीं डीडीपुरम क्षेत्र में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास तो बिजली के खंभे ही उखड़ गए। इसी तरह बरेली क्लब के पास पेड़ गिरने से लाइन टूट गई और क्षेत्र की बिजली गुल हो गई।
यहां भी हजारों घरों में पसरा रहा अंधेरा
इसी तरह कोहाड़ापीर क्षेत्र की लाइन में फाल्ट आने से कई हजार घरों की बत्ती गुल रही। सन सिटी क्षेत्र की लाइन टूटने से 8000 घरों की बिजली गुल रही। सिविल लाइंस क्षेत्र में फाल्ट आने से हजारों घरों में बिजली की सप्लाई नहीं हो सकी।