आकाशपुरम विस्तार निवासी ठेकेदार जावेद अली ने बताया कि 14 अप्रैल को इकरार अहमद उर्फ दन्नी और उसके साथियों ने उनके नाम से फर्जी खुलानामा, तलाकनामा और समझौता नामा तैयार कराया था। इस मामले में उन्होंने आरोपी इकरार अहमद के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बरेली। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार को व्हाट्सएप कॉल और धमकी भरे संदेश भेजने के आरोप में थाना बारादरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संदिग्ध नंबर की जांच में जुटी है। वहीं पीड़ित ठेकेदार और उनकी पत्नी ने जान का खतरा जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
आकाशपुरम विस्तार निवासी ठेकेदार जावेद अली ने बताया कि 14 अप्रैल को इकरार अहमद उर्फ दन्नी और उसके साथियों ने उनके नाम से फर्जी खुलानामा, तलाकनामा और समझौता नामा तैयार कराया था। इस मामले में उन्होंने आरोपी इकरार अहमद के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जावेद का आरोप है कि इसके बाद दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां उर्फ सलमान मियां ने उन्हें बुलाकर मारपीट की और धमकियां दीं। इस घटना को लेकर कोतवाली पुलिस ने सलमान मियां समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ठेकेदार को व्हाट्सएप के जरिए धमकी भरे कॉल और संदेश प्राप्त हुए, जिनमें उन्हें घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी गई। जावेद अली ने इन कॉल्स और मैसेज के नंबर के आधार पर बुधवार शाम थाना बारादरी में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद से ठेकेदार का परिवार दहशत में है। जावेद की पत्नी शीबा खान ने गुरुवार को एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपकर परिवार की सुरक्षा की मांग की। शीबा का कहना है कि कुछ संदिग्ध लोग उनके घर के आसपास घूमते हैं और उनके पति की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घट सकती है। उन्होंने कहा कि डर के कारण पूरा परिवार रात भर जागकर समय काट रहा है।