पुलिस को इस तरह के इनपुट मिल रहे हैं कि हत्यारे लखनऊ से सीधे यहां पहुंचे और यहां करीब दस घंटे रुके।
बरेली। कमलेश तिवारी हत्याकांड में पुलिस हत्या की वजह और हत्या करने वालों को आइडेंटिफाई करने का तो दावा कर रही है लेकिन अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। इसी बीच जांच हत्यारों के बरेली कनेक्शन को ध्यान में रख कर भी की जा रही है। पुलिस को इस तरह के इनपुट मिल रहे हैं कि हत्यारे लखनऊ से सीधे बरेली पहुंचे और यहां करीब दस घंटे रुके।
जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक कमलेश तिवारी के हत्य़ारे शुक्रवार रात करीब नौ बजे बरेली पहुंचे और अगले दिन करीब सात बजे तक यहां रहे लेकिन पुलिस अभी यह नहीं पता लगा पाई है कि हत्यारे बरेली में रुके कहां। शहर के सभी होटल, लॉज, सराय के रिकॉर्ड पुलिस ने खंगाले हैं। सीसीटीवी भी चेक किए हैं लेकिन उनके किसी भी होटल में रुकने का अभी तक सुराग नहीं मिल पाया है। इससे माना जा रहा है कि हत्यारों की किसी ने यहां मदद की है। पुलिस मान कर चल रही है कि हत्यारे होटल की बजाय किसी जानने वाले के यहां रुके। माना जा रहा है कि इस बाबत भी पुलिस को पास कई इनपुट हैं, जिनके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की रडार पर एक संदिग्ध आ चुका है, जिसकी तलाश की जा रही है। कभी भी यह संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़ सकता है।
वहीं एक इनपुट यह भी है कि बरेली के बाद हत्यारे मुराबाद, रामपुर पहुंचे लेकिन यहां कितना समय रुके और यहां से कहां गए यह अभी सुराग नहीं लग पा रहा है। मुरादाबाद और रामपुर में भी हत्यारों के ठहरने का स्थान भी अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि एक इनपुट के आधार पर पुलिस मान रही है कि मुरादाबाद, बरेली के बाद हत्यारे एनसीआर पहुंचे।