बरेली

मुस्लिम युवक ने नोटबंदी पर पीएम मोदी को अपने खून से लिखा सलाम

मुस्लिम युवक ने नोटबंदी फैसले की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री को अपने खून से पत्र लिख कर सलाम किया है।
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Updated: 8 Nov 2017, 7:30 PM IST
Muslim youth
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बरेली। एक साल पहले आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन पर करारा प्रहार करते हुए नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लिया था। प्रधानमंत्री ने कालाधन खत्म करने के लिए 500 और एक हजार के नोट को बंदकर दिया था। इस फैसले की विरोधियों ने जमकर आलोचना की थी और अभी भी विरोधी दल के नेता नोटबंदी के फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गलत फैसला करार दे रहे हैं। वहीं बरेली के एक मुस्लिम युवक ने नोटबंदी फैसले की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री को अपने खून से पत्र लिख कर सलाम किया है।


प्रधानमंत्री का साहसी फैसला
प्रेमनगर के शाहबाद मोहल्ले के रहने युवा बरेली सेवा क्लब के अध्यक्ष और समाजसेवी गुलफ़ाम अंसारी ने नोटबंदी के फैसले को एक साल पूरा होने पर अपने खून से प्रधानमंत्री को सलाम लिखा और कहा कि यह एक साहसी फैसला था, जो कोई प्रधानमंत्री नहीं ले पाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को लिया। हम उन्हें को सलाम लिखते हैं।


कालाधन रखने वाले हुए बेनकाब
गुलफ़ाम अंसारी ने कि प्रधानमंत्री के इस फैसले का वो शुरू से स्वागत करते आए हैं, क्योंकि इससे कालाधन रखने वाले बेनकाब हुए हैं। तमाम ऐसी फर्जी कम्पनी पता चली है जो टैक्स चोरी कर रही थी और सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। नोटबंदी का फैसला आम जनता के हित में था और इससे आम जनता को आने वाले समय मे फायदा होगा। इसलिए नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री के साहसिक फैसले के लिए मैंने अपने खून से उन्हें सलाम लिखा है।


कैशलेस की तरफ बढ़ा देश
गुलफाम अंसारी ने कहा कि नोटंबदी के फैसले के बाद पीएम ने लोगों से कैशलेस पेमेंट करने की अपील की थी। लोगों ने इसे स्वीकार भी किया है। देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा मिला है।

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