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लोगों से पूछा नोटबंदी से क्या मिला तो ऐसे मिले जवाब, आप भी सुनिए

नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर किसा ने गिनाए फायदे तो किसा ने नुकसान
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पीलीभीत

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Mukesh Kumar

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Updated: 8 Nov 2017, 5:25 PM IST

Note Bandi

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पीलीभीत। नोटबंदी का एक साल पूरा हो गया है। नोटबंदी से क्या फायदा हुआ, क्या नुकसान इसको लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। वहीं जनता इसे कितना सही मानती है और कितना गलत इसका जवाब खुद जनता दे रही है। पीलीभीत के लोगों ने नोटबंदी पर मिलीजुली राय दी है। कुछ लोगों ने इसे सही ठहराया है। वहीं कुछ लोगों ने उसके नुकसान भी गिनाए हैं।

छोटे व्यापारियों पर पड़ा बुरा असर
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अफरोज जिलानी का कहना है कि नोटबंदी कोई गलत बात नहीं है, लेकिन जिस तरीके से की गयी। उससे जनता को नुकसान हुआ है। अचानक नोटबंदी करने से छोटे व्यापारी का धंधा चौपट हो गया है। बड़े व्यापारी पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। छोटे व्यापारी 50 प्रतिशत खराब स्थिति में पहुंच गये।

नोटबंदी के गिनाए फायदे
रानी अवंतीबाई कन्या इण्टर कॉलेज की शिक्षिका अनीता जोशी ने बताया कि वो नोटबंदी के पक्ष में रही है। नोटबंदी के बाद आतंकवाद पर काफी अंकुश लगा है। भूमाफियाओं पर भी अंकुश लगा है और गरीबों को अब जमीन सस्ती मिल रही है। चरस गांजा बिकना कम हुआ है। तस्करी पर रोक लगी है। साथ ही कालेधन पर भी काफी हद तक रोक लगी है।

हम तो आज भी ऐसे ही हैं
रिक्शा चालक लालता प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह से नोटबंदी के पक्ष में रहे है। उन्होंने कहा कि भले ही किसी पर नोटबंदी से फर्क पड़ा हो लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं हुआ है। वो उस वक्त ऐसे ही थे, आज भी ऐसे ही है। वहीं प्रेम मौर्या ने अपना दर्द जाहिर किया और कहा कि फर्क पड़े ना पड़े लेकिन हम 2-4 सौ वाले छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा परेशान हैं।

देशहित में लिया गया फैसला
शहर के प्रमुख व्यवसायी गैस एजेंसी मालिक प्रेमपाल गंगवार ने नोटबंदी को देशहित में बताया है। उन्होंने नोटबंदी को फैसला अच्छा बताया और कहा कि अभी लग रहा है कि सही नहीं हुआ लेकिन आगे आने वाले समय में इसके परिणाम बहुत अच्छे होंगे। शुरू के 3-4 महीने व्यापार पर असर पड़ा। फिर जीएसटी का भी रहा, लेकिन अब सब ठीक हो गया है।