रामगंगा नदी के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी ने दातागंज क्षेत्र के कई गांवों को चारों ओर से पानी से घेर लिया है। नवादा बदन, गढ़िया पैगंबरपुर और कटक पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं। इन इलाकों से बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे रक्षाबंधन पर बहनें भी अपने भाइयों तक नहीं पहुंच पा रहीं।
बदायूं। रामगंगा नदी के जलस्तर में तेज़ी से बढ़ोतरी ने दातागंज क्षेत्र के कई गांवों को चारों ओर से पानी से घेर लिया है। नवादा बदन, गढ़िया पैगंबरपुर और कटक पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं। इन इलाकों से बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे रक्षाबंधन पर बहनें भी अपने भाइयों तक नहीं पहुंच पा रहीं।
प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है, लेकिन बढ़ते पानी को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। करीब 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और कई के आसपास पानी पहुंच गया है। घरों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है।
गुरुवार रात से रामगंगा का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे शुक्रवार दोपहर तक शाहजहांपुर मार्ग पर पानी भर गया। इस दौरान नगरिया खनू गांव की श्यामवती, कोल्ड स्टोरेज से लौटते वक्त पानी में फंस गईं। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन ने स्टीमर भेजकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
गढ़ियारंगीन से शाहजहांपुर, नवादा बदन से गढ़िया पैगंबरपुर और हजरतपुर से गढ़िया रंगीन मार्ग पानी में डूब गए हैं। अब लोग नाव के जरिए आवाजाही कर रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीण जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर से रास्ता पार कर रहे हैं।
शेरपुर के पास सड़क पर पानी आ गया है, वहीं नवादा बदन गांव की पुलिया की एप्रोच कट गई है। नगरिया खनू का मजरा कटकोरा, बेलाडांडी का देवरनियां, कटक और गढ़िया पैगंबरपुर पूरी तरह पानी से घिरे हैं। तहसील प्रशासन लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटा है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ राहत सामग्री वितरण की योजना बना रहा है।