Sensational Murder: शौच के लिए गए व्यक्ति को घेरकर गोली मार दी गई। रिश्तेदारों ने साजिश रची। मर्डर के बाद आरोपियों का 'नया खेल' बेनकाब हुआ।
Sensational Murder: बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र के गांव भीकमपुर में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 48 वर्षीय कल्याण उर्फ कल्लू, जो शौच के लिए घर से निकले थे, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। परिजनों के मुताबिक, यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और इसके पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है।
मृतक के भाई धर्मपाल ने बताया कि कल्याण गांव के दक्षिण दिशा में स्थित खेत की ओर गए थे। जैसे ही वह शौच से निवृत्त हुए, झाड़ियों में छिपे आरोपियों—फूल सिंह, सत्येंद्र, दीपक, सुनील, जोगेंद्र, नरवीर उर्फ बाबू और जीराज ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सीधे उनके सीने में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
फायरिंग की आवाज सुनकर धर्मपाल अपने भाई को बचाने के लिए दौड़े, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी गोली चला दी। किसी तरह जान बचाकर वह गांव पहुंचे और अन्य लोगों को सूचना दी। जब ग्रामीणों के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा, सीओ आंवला नितिन कुमार और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मामले की गहन जांच में जुट गई है।
घटना के बाद दूसरे पक्ष के जोगेंद्र ने अपने हाथ में गोली लगने का दावा करते हुए कल्याण पक्ष पर आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह कहानी संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि आरोपी पक्ष ने इस हत्या को दो पक्षों के बीच संघर्ष दिखाने की साजिश रची थी।
पुलिस जांच में पता चला कि करीब डेढ़ साल पहले जमीन बेचने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव चल रहा था। कुछ दिन पहले भी मारपीट की घटना को लेकर आरोपी पक्ष थाने पहुंचा था, लेकिन आरोप सही नहीं पाए गए।
जानकारी के अनुसार, नरवीर नामक व्यक्ति शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर थाने पहुंचा था। पुलिस ने दोनों पक्षों को शनिवार को थाने बुलाया था, लेकिन इससे पहले ही यह वारदात हो गई।
हत्या के बाद नरवीर उर्फ बाबू शनिवार सुबह फिर थाने पहुंचा और अपने भाई जोगेंद्र को गोली लगने का आरोप लगाया। संदेह होने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जोगेंद्र का इलाज भी कराया जा रहा है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को फोन किया गया, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं मिली। आरोप है कि पुलिस करीब एक घंटे देरी से मौके पर पहुंची। नाराज परिजनों ने हंगामा भी किया, जिसके बाद समझाइश पर मामला शांत हुआ।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और उनके घर भी एक-दूसरे के पास हैं। जमीन के विवाद ने इस रिश्ते को दुश्मनी में बदल दिया, जिसका नतीजा इतनी बड़ी वारदात के रूप में सामने आया।
सीओ आंवला नितिन कुमार के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य वजह है। साथ ही, आरोपी पक्ष द्वारा झूठा मामला बनाने के लिए खुद को घायल दिखाने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है।