शहर को हिंसा की आग में झोंकने वाले 26 सितंबर के उपद्रव मामले में अब पुलिस आरोपितों को जल्द सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है। उपद्रव के मुख्य आरोपित मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपितों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
बरेली। शहर को हिंसा की आग में झोंकने वाले 26 सितंबर के उपद्रव मामले में अब पुलिस आरोपितों को जल्द सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है। उपद्रव के मुख्य आरोपित मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपितों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में तेजी से ट्रायल शुरू कराने और आरोपितों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। यह टीम सभी साक्ष्यों को मजबूत तरीके से कोर्ट में पेश कर पैरवी में मदद करेगी।
26 सितंबर को कानपुर के आई लव मुहम्मद विवाद की आड़ में बरेली में माहौल भड़क गया था। आरोप है कि मौलाना तौकीर रजा के नेतृत्व में हजारों की भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव, हमला और शहर में तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि कई इलाकों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई थी। जांच में सामने आया था कि उपद्रव के लिए पहले से तैयारी की गई थी। आरोपितों ने पेट्रोल बम और एसिड बम तैयार किए थे। बहेड़ी क्षेत्र से असलहों की खेप भी मंगवाई गई थी। पुलिस पर फायरिंग तक की गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि तत्कालीन एसएसपी अनुराग आर्य को खुद सड़क पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने कई घंटे की मशक्कत के बाद उपद्रवियों पर काबू पाया। घटना के बाद पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए गए थे। करीब तीन हजार लोगों को आरोपी बनाया गया, जबकि 125 लोगों को नामजद किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। महज दो दिनों के भीतर मौलाना तौकीर रजा समेत 94 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तौकीर रजा को 27 सितंबर को ही फतेहगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया था।
उपद्रव से जुड़े दो प्रमुख मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी, जिसकी जांच इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं। पुलिस सभी 10 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, हालांकि कुछ मामलों में पार्ट चार्जशीट अभी दाखिल होना बाकी है। अब पुलिस की कोशिश है कि कोर्ट में जल्द ट्रायल शुरू हो और आरोपितों को सख्त सजा मिले। नोडल अधिकारी कंविक्शन अंशिका वर्मा ने बताया कि सभी मामलों में तेजी से पैरवी कराने के लिए विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम साक्ष्य जुटाने और कोर्ट में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करेगी, ताकि आरोपितों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।