शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर बुधवार को महिला शक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देने के लिए 800 महिला पुलिसकर्मी कंधे से कंधा मिलाकर फ्लैग मार्च पर उतरीं। इस दौरान शहर की फिज़ा जोश और गर्व से भर उठी।
बरेली। बुधवार को बरेली की सड़कों पर महिला शक्ति का ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश देने के लिए 800 महिला पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया। इस मार्च ने न केवल शहर की फिज़ा बदल दी बल्कि यह भी साबित कर दिया कि कानून-व्यवस्था संभालने में महिलाएं किसी से कम नहीं।
इस ऐतिहासिक मार्च की अगुवाई आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा ने की। उनके नेतृत्व में जब महिला पुलिस कर्मियों का यह दल कोतवाली से कदमताल करता आगे बढ़ा तो लोगों की निगाहें थम गईं। मार्च में डीआईजी अजय कुमार साहनी, कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी, एसपी सिटी मानुष पारीक और एसपी साउथ अंशिका वर्मा समेत कई आला अधिकारी भी मौजूद रहे।
मार्च का रूट कोतवाली से शुरू होकर मलूकपुर, जखीरा और किला होते हुए सराय चौकी तक रहा। इस दौरान सड़कों पर महिला पुलिस की कतार ने माहौल को बेहद खास बना दिया। बच्चे, महिलाएं और दुकानदार सब काम छोड़कर इस नजारे को देखने लगे। कई लोगों ने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो कैद किए तो वहीं कई जगह महिलाओं का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां भी बजीं।
यह मार्च सिर्फ प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि इसका संदेश साफ था—महिला पुलिस अब केवल कानून-व्यवस्था संभालने ही नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षा और आत्मविश्वास देने के लिए हर मोर्चे पर तैयार है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि इस तरह की पहल से न केवल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत होगा कि उनकी सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित है।