मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज कराये। जहां महिला ने एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों का समर्थन किया।
बरेली। शहर के चर्चित जिम संचालक और ट्रेनर पर महिला डॉक्टर ने कोर्ट में बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। रामपुर गार्डन निवासी महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि सिविल लाइंस स्थित अल्टीमेट फिटनेस क्लब जिम के मालिक और ट्रेनर अकरम बेग ने पहले दोस्ती की, फिर नशीला पदार्थ देकर कई बार दुष्कर्म किया। इसके बाद अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और करोड़ों की संपत्ति व लाखों रुपये की रंगदारी मांगकर पूरे परिवार को मौत की धमकियां दी गईं।
मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज कराये। जहां महिला ने एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों का समर्थन किया। पीड़िता के मुताबिक उसने मई 2024 में बड़ा डाकखाना स्थित अल्टीमेट फिटनेस क्लब ज्वाइन किया था। वहीं उसकी मुलाकात जिम मालिक अकरम बेग से हुई। अकरम ने फिटनेस और प्री-वर्कआउट ड्रिंक के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ाईं। आरोप है कि वह ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर देता था और नशे की हालत में जिम के अंदर बने कमरे में उसके साथ दुष्कर्म करता था।
महिला डॉक्टर का आरोप है कि जब उसने दूरी बनानी चाही तो आरोपी ने मोबाइल में उसकी अश्लील वीडियो दिखाकर धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी कहता था कि अगर उसने विरोध किया तो वीडियो उसके पति और समाज में वायरल कर देगा। इसी डर के कारण आरोपी लगातार उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आखिरी बार 1 जनवरी 2026 को आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की।
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी अकरम और उसका भाई आलम उसके पति और बच्चों का पीछा करने लगे थे। दोनों आरोपी बच्चों के स्कूल तक पहुंच गए और बाहर की तस्वीरें खींचकर महिला को भेजीं। मैसेज में लिखा गया कि अगर बात नहीं मानी तो बच्चों का अंजाम बुरा होगा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने डॉक्टर और उसके पति के फ्लैट के कागजात भी निकलवा लिए थे। जब महिला ने पैसे न होने की बात कही तो आरोपियों ने कहा कि फ्लैट हमारे नाम कर दो। महिला ने जब कहा कि फ्लैट उसके नाम नहीं है तो आरोपियों ने कागजात दिखाकर कहा कि यह फ्लैट तो तुम्हारे नाम पर ही है।”
तीन मई 2026 को आरोपी ने फोन कर परिवार की जिंदगी बर्बाद करने और अश्लील वीडियो की पेन ड्राइव बेचने की धमकी दी। पहले 10 लाख रुपये मांगे गए, बाद में रकम बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई। आरोपियों ने गहने गिरवी रखने और प्लॉट बेचकर पैसे जुटाने का दबाव भी बनाया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 12 मई को कोर्ट में दर्ज बयान के दौरान महिला डॉक्टर ने FIR में लगाए गए आरोपों को दोहराया। पीड़िता ने पुलिस को कई ऑडियो रिकॉर्डिंग और चैट भी सौंपी हैं, जिनमें आरोपी पैसे वसूलने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इसके अलावा पुलिस को इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों का प्रमाणपत्र भी दिया गया है। इससे जाहिर है कि इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है।