
Balotra Pachpadra Track : उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने कहा है कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना के दृष्टिगत बालोतरा-पचपदरा नई रेल लाइन राजस्थान ही नहीं,बल्कि देश की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि इस रेलखंड का निर्माण पूर्व की मीटरगेज लाइन की अलाइनमेंट पर ही किया जाएगा। महाप्रबंधक अमिताभ ने बताया कि परियोजना का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में लागत आकलन (कॉस्ट एस्टिमेशन) और अन्य तकनीकी रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा।
अमिताभ ने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी और बड़े स्तर की परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। महाप्रबंधक के अनुसार यह रेल लाइन पचपदरा रिफाइनरी को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ क्षेत्र में माल परिवहन को भी नई गति देगी। गौरतलब है कि पचपदरा में विकसित हो रही रिफाइनरी परियोजना के लिए रेलवे संपर्क को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई रेल लाइन के निर्माण से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा पश्चिमी राजस्थान के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख रेलवे केंद्र बाड़मेर स्टेशन पर रेलवे बड़े स्तर पर अवसंरचनात्मक विकास कार्य कर रहा है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद स्टेशन की क्षमता और यात्री सुविधाओं में अपूर्व वृद्धि होगी। वर्तमान में तीन प्लेटफॉर्म है, जिन्हें बढ़ाकर छह करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार (सेकेंड एंट्री गेट) विकसित करने का प्रस्ताव भी रेलवे के विचाराधीन है। उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक अमिताभ ने गुरुवार को बाड़मेर दौरे के दौरान यह जानकारी पत्रकारों से साझा की।
उन्होंने बताया कि बाड़मेर और जैसलमेर में यात्रियों की बढ़ती संख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। स्टेशन यार्ड में दो नई पिट लाइनों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान में केवल एक पिट लाइन उपलब्ध है, जो निर्माण पूरा होने पर 3 हो जाएंगी। पुरानी पिट लाइन हटाकर नए प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे।
महाप्रबंधक ने बताया कि निर्माण कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। पुराने रेलवे क्वार्टरों और विभागीय भवनों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के कारण परियोजना की समय-सीमा में बदलाव संभव है। अगले छह से आठ महीनों में पिट लाइनों की संख्या एक से बढ़कर तीन हो जाएगी, जबकि अगले एक से दो वर्षों में प्लेटफॉर्मों की संख्या तीन से बढ़ाकर छह करने का लक्ष्य है। इससे ट्रेनों के रखरखाव और संचालन में बड़ा सुधार होगा।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि द्वितीय प्रवेश द्वार से मुख्य प्रवेश द्वार पर भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यह विस्तार बाड़मेर के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति देगा।