
Jal Jeevan Mission Scam : पूर्व आइएएस एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल। फाइल फोटो पत्रिका
Jal Jeevan Mission Scam : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में पूर्व आइएएस एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत में 17,500 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। एसीबी ने जांच में करीब 20 हजार करोड़ रुपए के टेंडरों में पद के दुरुपयोग, टेंडर पुलिंग और व्यापक भ्रष्टाचार के तथ्य प्रमाणित पाए गए है। एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में गठित एसआइटी ने एसीबी मामलों की सुबोध अग्रवाल विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया।
अदालत ने मामले को 8 जून के लिए रिपोर्ट कैटेगरी में रखा है। इस प्रकरण में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी, मध्यस्थ संजय बड़ाया समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर कुल 979.27 करोड़ रुपए के टेंडर प्राप्त किए गए थे। पीएचईडी के अधिकारियों व निजी ठेकेदारों ने मिलीभगत से व्यापक वित्तीय अनियमितताएं की गई। आरोपियों ने 50 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की निविदाओं में नियमों के विपरीत 'साइट विजिट प्रमाण-पत्र' की अनिवार्यता जोड़ी गई। इससे बोलीदाताओं की पहचान पहले ही उजागर हो गई।
जेजेएम घोटाले में एसीबी ने वर्ष 2024 में इस मामले में एफआइआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि ठेका फर्म श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल के संचालकों ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र तैयार कर पीएचईडी अधिकारियों की मिलीभगत से करीब 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज कर तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित अन्य को गिरफ्तार किया था।
हालांकि जांच एजेंसी ने इस मामले में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी, कारोबारी संजय बड़ाया और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जांच अभी लंबित रखी है। एसीबी का कहना है कि इन पहलुओं की जांच जारी है और आगे साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले एसीबी मामले में दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और नीरिल कुमार सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर चुकी है।
वहीं मामले में फरार चल रहे जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। एसीबी इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले को राजस्थान के हालिया वर्षों के सबसे बड़े टेंडर घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसकी जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं।
Updated on:
5 Jun 2026, 6:36 AM IST
Published on:
5 Jun 2026, 6:36 AM IST
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