
Ashutosh Dixit : भारतीय वायुसेना की कमान अब बाड़मेर के उत्तरलाई एयर स्टेशन के पूर्व स्टेशन कमांडर रहे आशुतोष दीक्षित संभालेंगे। देश की वायु सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले शीर्ष पद के लिए उनके चयन को बाड़मेर के लिए भी गर्व और गौरव का अवसर माना जा रहा है। आशुतोष दीक्षित वर्ष 2012 से 2014 तक उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन के स्टेशन कमांडर रह चुके हैं।
वायुसेना में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान आशुतोष दीक्षित ने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। ऑपरेशन में निष्ठा, लगन, मेहनत, देशभक्ति, युद्धकौशल, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता के साथ उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया। राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन किया।
कुछ माह पूर्व आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना के दूसरे बड़े पद वायुसेना उपप्रमुख (वाइस चीफ ऑफ एयरफोर्स) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब उन्हें नए एयर चीफ की जिम्मेदारी मिलने जा रही है। वर्ष 2014 में उत्तरलाई से तबादले के बाद 2026 तक के सफर में उन्होंने लगातार तरक्की हासिल की और विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया।
26 सितंबर 2011 को तत्कालीन एयर चीफ मार्शल एनके ब्राउन बाड़मेर आए थे। इसके बाद वर्ष 2012 में आशुतोष दीक्षित की उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन बाड़मेर के स्टेशन कमांडर के रूप में नियुक्ति हुई। उनका वर्ष 2012 से वर्ष 2014 तक का कार्यकाल संयुक्त युद्धाभ्यास में बेहतर प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है। वर्ष 2014 में वे उत्तरलाई से स्थानांतरित हुए।
आशुतोष दीक्षित के सैन्य जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में उनके कार्य को भी देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल के रूप में देखा गया। वायुसेना में लगातार जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने अपने कार्यकौशल और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। अब देश की वायु सुरक्षा की सर्वोच्च जिम्मेदारी उनके हाथों में होगी।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 अक्टूबर, 2026 को भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। वह 31 अक्टूबर से एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र, आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को फाइटर स्ट्रीम में कमीशन दिया गया था। वह स्टाफ कोर्स, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के स्नातक हैं। जिनके पास 3,500 फ्लाइंट घंटे का ज्यादा का अनुभव है।