रिफाइनरी परियोजना, पेट्रोकेमिकल हब, सिक्स लेन हाईवे और रेलवे विस्तार ने बालोतरा की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। नया जिला बनने के बाद यहां उद्योग, व्यापार, पर्यटन और खेती में तेजी से विकास हुआ है, जिससे बालोतरा अब पश्चिमी राजस्थान के उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
बाड़मेर। राजस्थान का नया जिला बालोतरा अब सिर्फ टेक्सटाइल और पॉपलीन नगरी तक सीमित नहीं रहा। पिछले कुछ वर्षों में यहां विकास की ऐसी रफ्तार देखने को मिली है, जिसने पूरे इलाके की पहचान बदल दी है। रिफाइनरी परियोजना, पेट्रोकेमिकल हब, सिक्स लेन हाईवे, रेलवे विस्तार और तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन ने बालोतरा को पश्चिमी राजस्थान के उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। वर्ष 2023 में जिला बनने के बाद यहां विकास कार्यों को और अधिक गति मिली है।
करीब 5500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ सिक्स लेन हाईवे अब राजस्थान को गुजरात और पंजाब से तेज कनेक्टिविटी दे रहा है। इस हाईवे ने परिवहन को आसान बनाया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में बड़ा उछाल आया है। पहले जहां माल ढुलाई और यात्रा में लंबा समय लगता था, वहीं अब उद्योगों और कारोबारियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
बालोतरा का सबसे बड़ा बदलाव रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में देखने को मिल रहा है। कभी पॉपलीन उद्योग के लिए पहचाना जाने वाला यह शहर अब पेट्रोकेमिकल हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। यहां विकसित हो रहा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भविष्य में 239 तरह के उत्पाद तैयार करेगा।
करीब 6000 करोड़ रुपए के निवेश से यह क्षेत्र राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापारिक नक्शे पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
रेलवे नेटवर्क के विस्तार ने भी बालोतरा को नई ताकत दी है। पिछले एक दशक में यहां से दिल्ली, जयपुर, गुवाहाटी और जम्मू-कश्मीर तक सीधी रेल सेवाएं शुरू हुई हैं। समदड़ी जंक्शन के जरिए महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन तीनों क्षेत्रों को फायदा मिल रहा है।
खेती-किसानी में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लूणी नदी क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ने से भूजल स्तर सुधरा है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ा है। अब किसान अनार, जीरा, ईसबगोल और अन्य नकदी फसलों की खेती कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। कृषि आधारित कारोबार अब अरबों रुपए तक पहुंच चुका है।
धार्मिक पर्यटन ने भी बालोतरा की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। आसोतरा का ब्रह्मा मंदिर, जसोल का माता राणी भटियाणी मंदिर और नाकोड़ा जैन तीर्थ हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। बढ़ती पर्यटक संख्या के चलते शहर में होटल, रेस्टोरेंट और नई सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
आज बालोतरा में 50 से अधिक नए होटल-रेस्टोरेंट खुल चुके हैं, 5000 से ज्यादा नए प्रतिष्ठान शुरू हुए हैं और करीब 50 हजार बाहरी लोग यहां आकर बस चुके हैं। शहर के आसपास के आठ गांव अब शहरी सीमा से जुड़ चुके हैं। विकास की यह बदलती तस्वीर बता रही है कि बालोतरा अब राजस्थान के सबसे तेजी से आगे बढ़ते शहरों में शामिल हो चुका है।