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बाड़मेर। बाड़मेर शहर को भारी वाहनों के दबाव से राहत दिलाने और जोधपुर, जैसलमेर, सिणधरी, सांचौर, चौहटन व गडरारोड की दिशा से आने-जाने वाले ट्रैफिक को शहर से बाहर सुरक्षित व सुगम मार्ग देने के लिए प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड फिलहाल फाइलों में अटक गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने एक साल पहले इस रिंग रोड की डीपीआर तैयार कराने की दिशा में कवायद शुरू की थी, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब उम्मीदें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) पर टिक गई हैं कि वह बाड़मेर की परिस्थितियों को देखते हुए इस परियोजना को अपने वार्षिक प्रोजेक्ट में शामिल करे।
दरअसल, बाड़मेर शहर के चारों ओर रिंग रोड का सपना वर्षों पुराना है। दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कुशल वाटिका से कुड़ला रोड, सिणधरी रोड और जोधपुर रोड होते हुए मेडिकल कॉलेज जालीपा तक 23 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का काम 2024 में पूरा हो चुका है। इससे जोधपुर, जैसलमेर, सिणधरी और सांचौर की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के बाहर से वैकल्पिक मार्ग मिल गया। लेकिन शहर के उत्तरी हिस्से में अब भी रिंग रोड का अभाव है, जिससे गडरारोड, चौहटन और सीमावर्ती क्षेत्र की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर के भीतर से गुजरने को मजबूर हैं।
प्रस्तावित योजना के अनुसार दूसरी रिंग रोड कुशल वाटिका स्थित एनएच-68 से शुरू होकर बाड़मेर गादान, लंगेरा, दरूड़ा, लूणू खुर्द और हापों की ढाणी होते हुए जालीपा तक बनाई जानी है। करीब 35 किलोमीटर लंबी यह रिंग रोड तैयार हो जाए तो गडरारोड की दिशा से आने वाले वाहनों को सीधे जैसलमेर, अहमदाबाद और जोधपुर की ओर निकलने का वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव घटेगा, दुर्घटना का जोखिम कम होगा और आमजन को राहत मिलेगी।
विडंबना यह है कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में इस रिंग रोड की घोषणा भी की थी, लेकिन अब तक डीपीआर स्वीकृत नहीं होने से सर्वे और आगे की प्रक्रिया अटक गई। पीडब्ल्यूडी ने इस संबंध में मोर्थ को पत्र लिखकर यह भी अवगत कराया है कि पूर्व में बायपास उनकी एजेंसी ने बनाया था, ऐसे में इस परियोजना को भी उनके वार्षिक प्लान में शामिल कर बाड़मेर की अधूरी रिंग रोड को पूरा किया जा सकता है।
बाड़मेर पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता सुराराम ने बताया कि रिंग रोड को लेकर पत्र व्यवहार हुए थे। सर्वे के लिए निर्देश मिले थे, लेकिन डीपीआर की स्वीकृति नहीं मिलने से मामला अटक गया। मामला सरकार स्तर पर प्रक्रियाधीन है। उम्मीद है कि इस पर कोई निर्णय होगा।
Updated on:
24 Jun 2026, 3:56 PM IST
Published on:
24 Jun 2026, 3:42 PM IST
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