बाड़मेर

Balotra News: एक साथ जलीं 3 भाइयों की चिताएं, फफक-फफककर रो पड़ा पूरा इलाका; हादसे में 5 घरों के बुझ गए चिराग

Balotra Road Accident: बालोतरा के कानोड़ गांव में भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पांच युवकों का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। एक ही परिवार के तीन भाइयों के शव एक ही चिता पर रखे गए। पूरे गांव में मातम पसरा रहा, बाजार बंद रहे, कई घरों में चूल्हे नहीं जले और हजारों ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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Jul 13, 2026
Balotra road accident
एक साथ जलीं 3 भाइयों की चिताएं (पत्रिका फोटो)

Balotra road accident News: गिड़ा (बालोतरा): भांडियावास सरहद में रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने कानोड़ गांव ही नहीं, पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। एसयूवी और डंपर की भीषण टक्कर में एक ही गांव के पांच युवकों की मौत के बाद सोमवार को गांव का हर कोना मातम में डूबा नजर आया। बाजार स्वेच्छा से बंद रहे, कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख अपनों को खोने के दर्द से नम थी। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब एक ही परिवार के तीन भाइयों के शव एक ही चिता पर अंतिम विदाई के लिए रखे गए। जलती चिता को देख वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक उठीं और पूरा वातावरण करुण क्रंदन से गूंज उठा।

हर निगाह एंबुलेंस के इंतजार में, शव पहुंचते ही मचा कोहराम

हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रभर के लोग अपना कामकाज छोड़कर कानोड़ पहुंचने लगे। गांव की गलियों और मुख्य सड़क पर लोगों की निगाहें एंबुलेंस के इंतजार में टिकी थीं। जैसे ही जोधपुर और बालोतरा से मृतकों के शव गांव पहुंचे, परिजनों का धैर्य टूट गया। माताओं की चीखें, बहनों का विलाप और वृद्ध परिजनों की बेबसी ने हर मौजूद व्यक्ति को झकझोर दिया। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा और हर चेहरे पर अपूरणीय क्षति का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।

एक ही परिवार पर टूटा सबसे बड़ा कहर

इस हादसे ने एक परिवार से तीन जवान बेटों को हमेशा के लिए छीन लिया। स्वरूपाराम, भरत और भावेश आपस में चाचा-ताऊ के बेटे भाई थे। उनके शव जब घर पहुंचे तो परिजनों का दर्द फूट पड़ा। वृद्ध पिता और दादा बेसुध हो गए। माताओं और बहनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा।

गांव में हर जुबान पर यही शब्द थे, हे भगवान, ऐसा दुख किसी को मत देना। दूसरी ओर रेवंताराम के शव का भी पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट पर उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह बनी कि इन युवाओं ने अपने व्यवहार और मिलनसार स्वभाव से समाज में विशेष स्थान बनाया था।

हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई

आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शवों की अंतिम यात्रा नागाणा तला स्थित मेघवालों की बस्ती के श्मशान घाट के लिए निकाली गई। जिसमें ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर भरत, स्वरूपाराम और भावेश के शव एक ही चिता पर रखे गए। तीन भाइयों की चिता एक साथ जलते देख माहौल और अधिक गमगीन हो गया।

अंतिम संस्कार में रिफाइनरी सिक्योरिटी हेड प्रीतम मीणा, खेराजराम हुड्डा, बालाराम गोदारा, थानसिंह डोली, खींयाराम सारण, लाधाराम गोदारा, ओमप्रकाश बेरड़ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने दिवंगत युवाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Updated on:
13 Jul 2026 09:45 pm
Published on:
13 Jul 2026 09:45 pm
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