बाड़मेर के सनावड़ा स्थित राउमावि मेघवालों की बस्ती में पानी पीने से 13 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को खुजली और चकत्तों की शिकायत हुई। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
बाड़मेर: बाड़मेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल में पानी पीने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
बता दें कि पानी पीते ही बच्चों के शरीर पर तेज खुजली शुरू हो गई और लाल धब्बे (दाने) उभर आए। बच्चों की बिगड़ती हालत को देख स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद सभी पीड़ित बच्चों को बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। सूचना पर ADM राजेंद्र सिंह और अधीक्षक डॉ. हनुमान राम चौधरी अस्पताल पहुंचे।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बाड़मेर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मेघवालों की बस्ती (सनावड़ा) की है। शनिवार का दिन होने के कारण स्कूल में 'नो बैग-डे' था, जिससे बच्चे बिना बैग के स्कूल आए थे और विभिन्न गतिविधियों में व्यस्त थे। इसी दौरान लंच या रेस्ट टाइम में बच्चों ने स्कूल में रखे पानी के स्रोत से पानी पिया।
पानी पीने के महज कुछ ही देर बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। बच्चों ने शिक्षकों से शरीर पर असहजता और तेज खुजली की शिकायत की। देखते ही देखते करीब 13 बच्चों के हाथ-पैर और चेहरे पर लाल दाने उभर आए। बच्चों की ऐसी हालत देखकर स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
स्कूल के संस्था प्रधान और शिक्षकों ने बिना समय गंवाए तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सभी पीड़ित बच्चों को तुरंत बाड़मेर के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला 'एक्यूट एलर्जिक रिएक्शन' या पानी में किसी जहरीले पदार्थ के संदूषण का लग रहा है। फिलहाल, सभी बच्चों को ड्रिप और दवाइयां दी गई हैं, जिससे उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर और नियंत्रण में है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। प्रशासन ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, स्कूल में रखे पानी की टंकी और पेयजल के अन्य स्रोतों की जांच करवाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को स्कूल भेजा जा रहा है, ताकि वहां के पानी के सैंपल लिए जा सकें।
यह जांच की जाएगी कि टंकी में कोई जहरीला जीव या रासायनिक पदार्थ तो नहीं गिरा था, जिसके चलते बच्चों को यह गंभीर एलर्जी हुई। इस घटना के बाद से बच्चों के माता-पिता बेहद चिंतित हैं और उन्होंने स्कूल प्रशासन से पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है।