बाड़मेर

Barmer : छुट्टी पर घर आए सेना के हवलदार की हार्ट अटैक से मौत, 4 महीने बाद होना था रिटायर, गांव में पसरा मातम

Barmer : हवलदार महेंद्र कुमार चार महीने बाद रिटायर होने वाले थे। इस बीच परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा गया। छुट्टी पर घर आए सेना के हवलदार की अचानक मौत से गांव में मातम पसर गया।
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Mahendra Kumar : बाड़मेर. महेन्द्र बेनीवाल के परिजन को राष्ट्रीय ध्वज सुपुर्द करते हुए। फोटो पत्रिका

Barmer : बाड़मेर सदर थाना क्षेत्र के सागणा कुंआ (रामसर कुंआ) में सेना के हवलदार की शनिवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हवलदार की मौत की सूचना मिलने पर परिजन, ग्रामीण और पूर्व सैनिक मौके पर पहुंचे। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। इसके बाद पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी के मुताबिक हवलदार महेंद्र कुमार (41 वर्ष) पुत्र रामाराम का जनवरी 2003 में जाट रेजिमेंट में चयन हुआ था। वर्तमान में वे पंजाब के फाजिल्का में तैनात थे। कुछ समय से वे री-सेटलमेंट ट्रेनिंग के लिए जयपुर आए हुए थे। इसके बाद शुक्रवार को छुट्टी लेकर अपने माता-पिता से मिलने गांव पहुंचे थे। महेंद्र कुमार जनवरी 2027 में सेना से रिटायर होने वाले थे।

खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार शनिवार रात करीब साढ़े 9 बजे खाना खाने के कुछ देर बाद महेंद्र कुमार के सीने में तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें बाड़मेर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पार्थिव देह को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। रविवार को जाट रेजिमेंट के जवान और अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद आर्मी की गाड़ी से पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचाई गई, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

चार महीने बाद रिटायरमेंट, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हवलदार महेंद्र कुमार के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी दिव्या, तीन बेटियां वर्षा, ललिता और पूजा तथा सबसे छोटा बेटा देवेंद्र है। देवेंद्र छठी कक्षा में पढ़ रहा है। महेंद्र कुमार के बड़े भाई कंवराराम किसान हैं। चार महीने बाद सेना की सेवा पूरी कर घर लौटने वाले महेंद्र कुमार के अचानक निधन से परिवार और गांव में शोक की लहर छा गई।

Updated on:
13 Sept 2026 09:34 pm
Published on:
13 Sept 2026 09:34 pm