
Rajasthan : बाड़मेर। जोधपुर में हार्ट अटैक से जान गंवाने वाले एएसआइ दुर्गाराम भील की पार्थिव देह शनिवार को बाड़मेर पहुंची। पुलिस लाइन में एसपी चूनाराम जाट सहित अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव देह उनके पैतृक गांव नेतराड़ ले जाई गई, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साल के भीतर परिवार ने तीन सदस्यों को खो दिया।
जानकारी के अनुसार एएसआइ दुर्गाराम के पिता भलाराम, जो गांव के सरपंच थे, का एक साल पहले निधन हो गया था। इसके तीन-चार महीने बाद बड़े भाई फोटाराम की भी मौत हो गई। अब दुर्गाराम के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। उनका एक छोटा भाई खेती करता है।
एएसआइ दुर्गाराम भील (50 वर्ष) एसआइ पद पर पदोन्नति के लिए फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट देने शनिवार सुबह सात बजे मंडोर स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (आरपीटीसी) पहुंचे थे। उन्होंने दो किमी की दौड़ पूरी कर ली थी। इसके बाद उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा के अन्य चरणों में शामिल होना था। इसी दौरान सुबह करीब 8.30 बजे उनके सीने में अचानक दर्द हुआ और तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें पास के चंद्र मंगल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर देकर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बाद में जोधपुर में पोस्टमार्टम करवाया गया। अचानक हुई इस घटना से पुलिस महकमे में शोक का माहौल था। पार्थिव देह बाड़मेर लाया गया, जहां पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा के बाद पार्थिव देह चौहटन क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव नेतराड़ ले जाया गया। इस दौरान एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी जेठाराम जयपाल सहित ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दुर्गाराम भील के बारे में चर्चा कर पूरा गांव दुखी था। इस परिवार में एक साल में यह तीसरी मृत्यु थी। जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था वहीं गांव वाले उनकी हर ढंग से सहयोग कर रहे थे।