बाड़मेर

दो बसों की आवाजाही, दो सौ किमी की दूरी,कैसे पहुंचे जिला मुख्यालय

- सिवाना-बाड़मेर के बीच बसों की तादाद कम, आमजन परेशान, हर दिन पड़ता काम

2 min read
Buses of buses running after three days

सिवाना.उपखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक की यात्रा के लिए रोडवेज की दो बसों के संचालन से हर दिन सैकड़ों जनों को परेशानी उठानी पड़ती है। कामकाज के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने को लेकर ग्रामीणों को सुबह जल्दी घर छोडऩा पड़ता है। दोपहर बाद जिला मुख्यालय पहुंच लौटने तक अधिक रात हो जाती है।

उपखंड मुख्यालय सिवाना से जिला मुख्यालय 150 किलोमीटर व क्षेत्र के गांवों की दूरी 180 से 200 किलोमीटर है। इसके बावजूद उपखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय पहुंचने को लेकर नाममात्र रोडवेज की दो बसें संचालित की जा रही है। इनका समय भी अनुकूल नहीं है। इस पर सिवाना व क्षेत्र के ग्रामीणों को कामकाज को लेकर बाड़मेर आने-जाने में हर दिन परेशानी उठानी पड़ती है। जालोर जिला सीमा से सटे गांव सरवड़ी, मोतीसरा, खण्डप, काठाड़ी, भागवा, पंऊ, वेरानाड़ी, कुण्डल के ग्रामीणों के लिए बाड़मेर पहुंचना टेडी खीर जैसा होता है। इन ग्राम पंचायतों से जिला मुख्यालय की दूरी 200 किमी से अधिक है। इस पर बाड़मेर कामकाज के लिए ग्रामीणों को सुबह जल्दी घर छोडऩा पड़ता है। दोपहर तक बड़ी मुश्किल से ये बाड़मेर पहुंचते हैं। लौटते-लौटते अधिक रात बीत जाती है। उपखंड मुख्यालय सिवाना से जिला मुख्यालय 150 किलोमीटर व क्षेत्र के गांवों की दूरी 180 से 200 किलोमीटर है। इसके बावजूद उपखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय पहुंचने को लेकर नाममात्र रोडवेज की दो बसें संचालित की जा रही है। इनका समय भी अनुकूल नहीं है।

ये भी पढ़ें

685 कर्टन अवैध शराब से भरा टैंकर जब्त,चालक गिरफ्तार

और बसों की जरूरत- लंबे समय से सिवाना से बाड़मेर के लिए रोडवेज की अन्य बसें संचालित करने की जरूरत महसूस की जा रही है। बाड़मेर से जयपुर वाया सिवाना ,सिणधरी, पादरू व बाड़मेर से उदयपुर ,जालोर वाया सिवाना ,सिणधरी रूट पर बसें संचालित करके ग्रामीणों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है।
दो बसें, होती दिक्कत- उपखंड मुख्यालय से बाड़मेर आवागमन के लिए नाममात्र दो बसें संचालित हो रही है। इस पर हर दिन लोग परेशानी उठाते हैं। सरकार नई बसें शुरू करें। - झनकारमल चौपड़ा, अध्यक्ष व्यापारी एसोसिएशन सिवाना

ये भी पढ़ें

230 जगह से शहर पर रहेगी 450 सीसीटीवी कैमरों की नजर

Published on:
23 May 2018 08:08 pm
Also Read
View All
Rajasthan Water Crisis: 280 गांवों और 800 ढाणियों की प्यास फाइलों में अटकी, कहीं वॉल नहीं तो कहीं पंप हाउस का काम बाकी

Pachpadra Refinery: PM मोदी के आगमन से पहले पचपदरा रिफाइनरी पर हाई अलर्ट, संभागीय आयुक्त ने संभाली कमान

पाक तस्करों का ‘वफादार’ निकला बाड़मेर का सलमान और शंकराराम, जैसलमेर से गुजरात तक फैलाया ड्रग्स तस्करी का जाल, उगले बड़े राज

राजस्थान में सनसनीखेज वारदात, शारीरिक संबंध बनाने के बहाने घर बुलाया फिर तड़पा-तड़पा कर मार डाला

राजस्थान में बाप-बेटे का बड़ा कांड, भारतमाला एक्सप्रेस-वे के किनारे चला रहे थे ड्रग्स फैक्ट्री, बाड़े में छिपाकर रखी सामग्री