बाड़मेर

राजस्थान में फिर फूटी तेल पाइपलाइन: 5 महीने में दूसरी बार क्रूड ऑयल रिसाव, खेतों में आधा किमी तक फैला तेल

Barmer Oil Spill: बाड़मेर के बोथिया गांव में वेदांता ऑयल एंड गैस की पाइपलाइन लीक होने से करीब आधा किलोमीटर तक खेतों में क्रूड ऑयल फैल गया। 5 महीने में यह दूसरा रिसाव है, जिससे दौलतराम, प्रेमाराम और फकीराराम के खेत प्रभावित हुए। कंपनी ने आपूर्ति रोककर जेसीबी से तेल एकत्र किया और स्थिति को नियंत्रित बताया।
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Jul 06, 2026
Barmer Crude Oil Pipeline Leak
बाड़मेर जिले के बोथिया गांव में पाइपलाइन लीकेज होने से फैला क्रूड ऑयल (पत्रिका फोटो)

Barmer Crude Oil Pipeline Leak: बाड़मेर जिले के बोथिया गांव स्थित वेदांता ऑयल एंड गैस कंपनी के भाग्यम वेलपैड-12 के निकट रविवार सुबह पाइपलाइन में लीकेज होने से क्रूड ऑयल करीब आधा किलोमीटर तक खेतों में फैल गया। रिसाव की सूचना मिलते ही कंपनी की ऑपरेशंस टीम, इंजीनियर और अधिकारी मौके पर पहुंचे। पाइपलाइन की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई और लीकेज का पता लगाकर कुछ ही घंटों में रिसाव पर काबू पा लिया गया। उल्लेखनीय है कि इस साल 23 फरवरी को भी नागाणा क्षेत्र में इसी तरह पाइपलाइन लीकेज होने से क्रूड ऑयल खेतों में बह गया था।

जानकारी के अनुसार, भाग्यम वेलपैड-12 से मदर वेलपैड तक बिछी पाइपलाइन में रविवार सुबह करीब छह बजे अचानक लीकेज हो गया। इससे किसान दौलतराम, प्रेमाराम और फकीराराम के खेतों में कूड ऑयल फैलने लगा। देखते ही देखते खेत का बड़ा हिस्सा तेल से प्रभावित हो गया। किसानों ने तुरंत कंपनी को सूचना दी, जिसके बाद कंपनी की टीम ने खेत में जेसीबी से गड्‌ढा खुदवाकर तेल को एक स्थान पर एकत्र किया और टैंकरों में भरकर सुरक्षित स्थान पर ले गए।

'तत्काल नियंत्रित किया, निगरानी जारी'

वेदांता ऑयल एंड गैस कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि 5 जुलाई, 2026 को राजस्थान के भाग्यम क्षेत्र में एक वेलपैड साइट के निकट तरल पदार्थ का सीमित रिसाव हुआ। हमारी ऑपरेशंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इसे सीमित क्षेत्र में नियंत्रित कर लिया। साइट की लगातार निगरानी की जा रही है तथा फैलाव रोकने और किसी भी संभावित प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक नियंत्रण उपाय किए गए हैं।

फरवरी महीने में भी हुआ था लीकेज

23 फरवरी: बाड़मेर जिले के कौखेड़ा गांव में किसान हरजीराम खोत के खेत में अचानक जमीन फटने के बाद क्रूड ऑयल का रिसाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते तेल करीब एक बीघा खेत में फैल गया। क्षेत्र कैर्न ऑयल एंड गैस (वेदांता) के ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के पास होने से कंपनी की टीम मौके पर पहुंची और आसपास की पाइपलाइन तथा ऑयल वेल की जांच शुरू की।

24-25 फरवरी: रिसाव लगातार जारी रहा। कंपनी ने तेल को नियंत्रित करने के लिए खेत में ट्रेंच और गड्ढे बनाकर वैक्यूम मशीनों की मदद से क्रूड ऑयल निकालना शुरू किया। इस दौरान 50 से अधिक टैंकरों में तेल भरकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। प्रभावित मिट्टी हटाने और पर्यावरणीय नुकसान कम करने का काम भी शुरू किया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के कई ऑयल वेल और पाइपलाइन का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

26 फरवरी: चौथे दिन भी जमीन से तेल निकलता रहा, लेकिन रिसाव की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग और पाइपलाइन लीकेज की आशंका जताई, जबकि कंपनी ने तकनीकी जांच जारी रखी। हालांकि, विशेषज्ञों ने इसे पाइपलाइन या उत्पादन प्रणाली से जुड़े रिसाव की संभावना बताया था।

27 फरवरी: करीब चार-पांच दिन बाद रिसाव थम गया, लेकिन कंपनी को इसकी सटीक वजह का पता नहीं चल सका। जांच के लिए पाइपलाइन के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण शुरू किया गया। किसान ने फसल और जमीन के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की, जबकि कंपनी ने पर्यावरणीय मानकों के अनुसार सफाई और पुनर्स्थापन कार्य जारी रखने की बात कही।

Updated on:
06 Jul 2026 03:47 pm
Published on:
06 Jul 2026 03:47 pm
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