- चिकित्सकों की देरी मरीजों के लिए बनती जानलेवा- सरकारी फाइलों में कैद आवास निर्माण का प्रस्ताव- भवन गिराने की भी राशि स्वीकृत नहीं की
बालोतरा. गंभीर मरीज को बेहतर इलाज मिले, इसलिए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर कॉल की सुविधा है। इसके चलते मरीज आते ही जरूरत होने पर चिकित्सक को घर बुलाने के लिए चिकित्सालय गाड़ी भेजता है, जिससे की डॉक्टर समय पर आ सके, लेकिन स्थानीय नाहटा अस्पताल में चिकित्सक आवास व अस्पताल के बीच की दूरी ज्यादा होने से मरीज दर्द सहने को मजबूर है। क्योंकि नाहटा अस्पताल परिसर में चिकित्सक आवास नहीं है। एेसे में शहर के विभिन्न मोहल्लों तक आने-जाने वक्त लग जाता है। वर्षों से चिकित्सक आवास की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं होने से क्वार्टर नहीं बन रहे।
जिले के दूसरे बड़े इस सरकारी चिकित्सालय नाहटा अस्पताल में उपचार के लिए हर दिन चार सौ अधिक गांवों से मरीज पहुंचते हैं। सामान्य दिनों में 550 से 600 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं तो 50-60 भर्ती होते हैं। इनके उपचार के लिए 16 चिकित्सक कार्यरत हैं, लेकिन इनके लिए चिकित्सक आवास नहीं बने हुए हैं। इस पर सभी चिकित्सक शहर में किराए पर रह रहे हैं।
देरी के चलते, मरीजों की बढ़ती परेशानी -चिकित्सालय में आवास का अभाव गंभीर मरीजों के लिए जानलेवा साबित होता है। शहर के समीप से मेगा हाईवे, राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग गुजरते हैं। इस पर दुर्घटना पर घायलों को उपचार के लिए चिकित्सालय लाया जाता है। ऐसे में ड्यूटी के अलावा राउण्ड द क्लॉक में एक ही चिकित्सक ड्यूटी पर होता है। ऐसे में एक से अधिक घायलों की सार संभाल करने में अधिक परेशानी होती है। वहीं ऑन कॉल पर शहर के भीतरी भागों से चिकित्सकों के पहुंचने की देरी बहुत सी बार मरीजों के लिए जानलेवा होती है।
निर्माण तो दूर गिराने की राशि स्वीकृत नहीं- चिकित्सालय प्रशासन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना में परिसर में चिकित्सकों के छह आवास निर्माण को लेकर 2 करोड़ 90 लाख रुपए का प्रस्ताव भिजवाया। चार से पांच माह पूर्व भिजवाया गया यह प्रस्ताव सरकारी फाइलों में कैद है। दूसरी ओर चिकित्सालय प्रशासन ने परिसर के एक भाग में दशकों पुराने बने चिकित्सालय भवन को गिराने के लिए सरकार से 5.41 लाख रुपए बजट की मांग की, लेकिन इसे अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया है।
चिकित्सक आवास की जरूरत-
चिकित्सालय में चिकित्सक आवास नहीं होना, सही नहीं है। मरीजों को हर दिन परेशानी होती है। बेहतर व्यवस्था के लिए सरकार शीघ्र ही आवास निर्माण करवाएं।
विनोद जैन
मरीजों को होती दिक्कत-
चिकित्सालय में चिकित्सक आवास नहीं होना, गंभीर मामला है। शहर से चिकित्सकों के देरी से पहुंचने पर मरीजों की जान पर बन आती है। सरकार निर्माण करवाएं।
मगराज जिंदल
बड़ी जरूरत पर नहीं ध्यान-
हर क्षेत्र में विकास कार्य हो रहे हैं। लाखों-करोड़ों खर्च हो रहे हैं, लेकिन बड़ी जरूरत के लिए ध्यान देकर कार्य नहीं करवाना गलत है। सरकार आवास निर्माण करवाएं।
घेवरराम सुंदेशा
चिकित्सक आवास जरूरी-
चिकित्सालय में आवास होना जरूरी है, जिससे की आपातकाल में मरीजों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। सरकार से मांग की है।
डॉ.बलराजसिंह पंवार, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी