बाड़मेर

ई मित्र संचालक से धोखाधड़ी, मामला दर्ज, पता करें, आपके बिजली बिल जमा हुए या नही ?

- ई मित्र संचालक से धोखाधड़ी, मामला हुआ दर्ज - उपभोक्ता बेखबर की उसका बिल कौन भर रहा

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Dec 03, 2017

बाड़मेर. आपने अगर बिजली,पानी या अन्य किसी बिल की राशि ई मित्र केंद्र पर दे दी है पर तत्काल अधिकृत रसीद नहींं ली है तो इस भरोसे न बैठे कि बिल जमा हो गया है। भले ही ई मित्र केंद्र संचालकों और जिला ई मित्र सोसायटी के बीच एमओयू हो रखा है लेकिन ई मित्र संचालक लालच में किसी ओर जरिए से राशि जमा करवा रहे हैं। जिनको राशि दे रहे हैं वे धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसका खमियाजा ई-मित्र केंद्र संचालकों या उपभोक्ता को उठाना पड़ रहा है। ई मित्र केंद्रों में एक के बाद एक गड़बडि़यां होने के बावजूद नियंत्रण नहीं हो रहा है। शहर मंे इसी तरह का मामला शुक्रवार को कोतवाली में दर्ज हुआ।

तनसिंह के सर्किल के पास स्थित एक ई मित्र केंद्र के संचालक ने मामला दर्ज करवाया कि उसने निजी डिस्ट्रीब्यूटर भगवानसिंह लाबराऊ की कंपनी पर भरोसा कर अतिरिक्त कमीशन के लिए राशि जमा करवाई। उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं होने की बात कही तो पता किया। सामने आया कि 143 बिल की राशि जमा नहीं है। निजी डिस्ट्रीब्यूटर से जवाब नहीं मिला और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज हो गई। इस पर ई मित्र संचालक ने 4 लाख 49 हजार रुपए खुद जमा करवाए और इस राशि के गबन का मामला भगवानङ्क्षसह के खिलाफ दर्ज करवाया है।

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शहर में एक जगह अन्य भी एेसा मामला

जानकारी अनुसार सिणधरी चौराहा के समीप रिको क्षेत्र में भी एेसा ही मामला हुआ है। इसको अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन इसमें भी पेटीएम के जरिए राशि जमा करवाकर अतिरिक्त कमीशन पाने के चक्कर में आए ई मित्र संचालक को लाखों की चपत लग गई है। अब उपभोक्ताओं के बिल जमा करवाने को लेकर परेशानी आ रही है।

कमीशन का चक्कर

जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बनी ई मित्र सोसायटी व ई-मित्र केंद्र संचालकों के बीच एमओयू होता है। इसके तहत ऑन लाइन बिल जमा होते ही उपभोक्ता को रसीद देने का नियम है लेकिन ई मित्र संचालक इसको दरकिनार कर ज्यादा कमीशन ज्यादा पाने के चक्कर में अपने स्तर पर दूसरे जरिए तलाश रहे हैं। इन जरियों के चलते न तो उपभोक्ता को रसीद मिल रही है और न ही उनको जानकारी होती है। वे केवल भरोसा करके बैठते हैं कि राशि भर दी गई है।
मॉनीटरिंग का अभाव

ई मित्रों की मॉनीटरिंग भी सही नहीं होने से इस प्रकार की गड़बडि़यां लगातार बढ़ रही हैं। पूर्व में भी इस प्रकार की शिकायतें हुई और इनकी जांच हुई लेकिन प्र्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई।

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Published on:
03 Dec 2017 01:06 pm
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