- प्रेम बेमिसाल
बाड़मेर.आपने कई प्रेम कहानियां पढ़ी होगी,जिसमे प्रेम के लिए लोग एक दूसरे के प्रति बेहद समर्पित हो जाते है। या कई लोग प्रेम के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते है। लेकिन आपको एक ऐसी सच्ची प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे है जो आपको हैरान कर देगी। दरअसल दो प्रेम करने वालों के बेमिसाल प्रेम की सच्ची कहानी बहुत ही प्रेरणादायी है। यह कहानी ओम और स्नेहा की है। स्नेहा ने ओम की जिंदगी में आए मुश्किल समय में भी उसका साथ दिया। उसकी हर मुश्किल में कंधे से कन्धा मिलकर कड़ी रही। और उनके बेमिसाल प्रेम का सबसे बड़ा क्षण तो वो है जब स्नेहा ने अपने प्रेमी ओम को अपनी किडनी देकर एक नया जीवन दिया। इस तरह प्रेम की एक बहुत बड़ी मिसाल पेश की।
यह कहानी है डा.ओम और स्नेहा की। ठीक एक साल पहले ओम की किडनी जवाब दे गई तो स्नेहा ने अपनी किडनी ओम को दे दी। एमबीबीएस करते हुए डा.ओम और स्नेहा दोनों के बीच प्रेम हुआ। इसी दौरान आेम की तबीयत खराब हुई और पता चला कि किडनी जवाब दे गई है। स्नेहा इस पर विचलित नहीं हुई और अपने परिवार को समझाइश की कि वह उससे प्रेम करती है और शादी करेगी। चाहे कुछ भी हो जाए। ओम के किडनी ट्रांसप्लांट हुआ तो पहली बार उसकी मां ने किडनी दे दी। करीब सवा साल पहले फिर उसकी किडनी जवाब दे गई तो इस बार स्नेहा आगे आई और ओम को किडनी देकर जान बचा ली। प्रेम और समर्पण की बेमिसाल किरदार डा. स्नेहा की एक किडनी से अब ओम की जिंदगी चल रही है और नन्हीं बेटी के साथ यह परिवार खुश है। स्नेहा ने ओम की जिंदगी में आए मुश्किल समय में भी उसका साथ दिया। उसकी हर मुश्किल में कंधे से कन्धा मिलकर कड़ी रही।