
Strict arrangements on India All of them deserted
गडरारोड.हमारी तरफ सुरक्षा के कड़े इंतजाम है, लेकिन उधर (पाकिस्तान) की तरफ सब वीरान, अंकल ऐसा क्या? कुछ ऐसे ही सवालों का सामना करना पड़ा बीएसएफ के अधिकारियों और जवानों को। बॉर्डर विजिट पर पहुंचे प्रदेश के 9 जिलों के विद्यार्थियों ने यह सवाल किया तो अधिकारियों के लिए जवाब देना सहज नहीं था। फिर भी अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए बस यही समझाया कि यह हमारा भारत है। अंतिम सीमा तक सड़क, बिजली और आपका पहुंचना ही इसका सही जवाब है।
450 विद्यार्थियों के दल ने मंगलवार को दूसरे दिन सीमा क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने रोहिड़ी में ऊंचे-ऊंचे रेतीले टीलों का लुत्फ उठाया तो अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन मुनाबाव का भी भ्रमण किया। बच्चों ने सीमा अधिकारियों के ऑटोग्राफ लिए और सेल्फी का भी क्रेज दिखाया। विद्यार्थी इतने लालायित थे कि इस पल को यादगार बना लेना चाहते थे। हर कोई अपने अंदाज में लुत्फ उठाता नजर आया। मंगलवार को विद्यार्थियों ने कॉन्फ्रेंस हॉल, बीओपी, फेंसिंग, वातानुकूलित रूम का निरीक्षण किया।
शिवालय में की पूजा
भारत-पाक सीमा पर स्थित सदियों पुराने ऐतिहासिक शिवमंदिर पर विद्यार्थियों ने दर्शन कर पूजा की। महाशिवरात्रि पर घण्टियों की ध्वनि और हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
धोरे देखे तो झूमने लगे
डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौडग़ढ़, उदयपुर , राजसमंद जैसे पहाड़ी इलाकों के विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण दल जब रोहिड़ी पहुंचा तो बालू रेत के टीले देखकर विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। विद्यार्थियों ने रेत में नाचने, गाने, खेलने और सेल्फी लेकर इंजॉय किया। दल में बीकानेर , जालौर व सिरोही के भी विद्यार्थी भी शामिल हैं।
मजा आ गया...
हम लोग पहाड़ी क्षेत्र में रहते हैं। बॉर्डर देखना अविस्मरणीय है, लेकिन रोहिड़ी के धोरे देखकर चकित हो गई हूं। वास्तव में मजा आ गया। रेत के टीले देखना मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। क्या कहूं, बहुत रोमांचित हूं।
- प्रियंका रैगर, छात्रा, राजसमंद
रेत का समंदर, वाकई अद्भुत...
हमारे लिए बहुत ही खुशी भरे पल हैं। इतनी सफेद रेत के टीले देखना हम पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं। दूर-दूर तक रेत के समंदर जैसा नजारा है। यह सबसे सुखद, अद्भुत और अविस्मरणीय है।
- वीना रैगर, छात्रा, राजसमंद
पर्यटन स्थल विकसित हो
हमारे पास पर्यटन के लिहाज से इतना अच्छे पॉइंट है और हमें पता ही नहीं है। शैक्षणिक भ्रमण पर निकले विद्यार्थियों के लिए रोहिड़ी के धोरे सबसे अधिक लुभावने रहे। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना चाहिए।
- महेश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य गडरारोड
रोहिड़ी के धोरे सबसे अलग
हमने सम के धोरे देखे हैं, लेकिन रोहिड़ी के धोरे उससे अलग हैं। यहां प्रशासन को रिसॉर्ट और अन्य सुविधाएं दी जाए तो अच्छा पर्यटन स्थल विकसित हो सकता है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए।
ईश्वरदान चारण, व्याख्याता, मॉडल स्कूल
उमंग से भरे हुए हैं बच्चे
बच्चे बॉर्डर देखकर उत्साहित और उमंग से भरे हुए हैं। सीमा क्षेत्र में बच्चों के भ्रमण की व्यवस्था शानदार है। बच्चे जो अनुभव बता रहे हैं, उससे हमारा इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य पूरा हो गया है।
दयानंद, उप निदेशक, शिक्षा विभाग
Published on:
14 Feb 2018 09:45 am
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