
Pachpadra Refinery Fire Incident
राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण ड्रीम प्रोजेक्ट 'पचपदरा रिफाइनरी' में हाल ही में हुई आगजनी की घटना ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। इस हादसे ने न केवल सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि अब बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के तीखे प्रहारों ने प्रशासनिक खेमे में खलबली मचा दी है। बेनीवाल ने प्रदेश के मुख्य सचिव (CS) वी. श्रीनिवास के एक वीडियो बयान पर निशाना साधते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर मुख्य सचिव का एक वीडियो साझा करते हुए उनके व्यवहार को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। बेनीवाल ने लिखा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले इतनी बड़ी सुरक्षा चूक हुई और करोड़ों का नुकसान हुआ, वहीं इस गंभीर विषय पर मुख्य सचिव का मीडिया के सामने हंसना उनकी गैर-जिम्मेदार मानसिकता को दर्शाता है।
सांसद ने मुख्य सचिव के तकनीकी ज्ञान और तथ्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं:
उम्मेदाराम बेनीवाल ने एक बहुत ही सनसनीखेज सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि यदि IIT Jodhpur जैसी प्रतिष्ठित संस्था ने इस गंभीर तकनीकी घटना की जांच में सहयोग की पेशकश की थी, तो सरकार ने उसे अनुमति क्यों नहीं दी? बेनीवाल का आरोप है कि सरकार किसी निष्पक्ष और विशेषज्ञ जांच से बचना चाहती है ताकि प्रोजेक्ट में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार सामने न आ सके।
जब मुख्य सचिव ने कहा कि जांच HPCL मैनेजमेंट द्वारा की जा रही है, तो बेनीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तर्क दिया कि यदि जांच उसी संस्था के भरोसे छोड़ दी जाए, जो खुद इस घटना के लिए जिम्मेदार हो सकती है, तो पारदर्शिता की उम्मीद कैसे की जा सकती है? इसमें राज्य सरकार की अपनी भूमिका क्या है?
सांसद ने इस घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित रिफाइनरी दौरे के साथ जोड़ते हुए इसे एक गंभीर 'सिक्योरिटी लैप्स' बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का खतरा बना रहेगा।
सांसद बेनीवाल के इस आक्रामक रुख ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक हलचल मचा दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में PMO, पेट्रोलियम मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग कर जवाबदेही तय करने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार इस मामले में कोई उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कमेटी बिठाएगी या फिर सांसद के दावों के मुताबिक यह मामला भी 'लीपापोती' की भेंट चढ़ जाएगा?
Updated on:
03 May 2026 10:51 am
Published on:
03 May 2026 10:50 am
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