- अधिकांश पशु चिकित्सालयों में चिकित्सकों का अभाव - उप केन्द्रों को छत भी नहीं नसीब
सिवाना. ब्लॉक सिवाना में पशु चिकित्सालयों में लंबे समय से पशु चिकित्सकों के पद रिक्त होने से पशुपालकों को पशुओं के उपचार में दिक्कत हो रही है। पशुओं के आकस्मिक बीमार होने पर उपचार अभाव में पशु दम तोड़ते हैं। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। परेशान पशुपालक जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व पशुपालन विभाग से कई बार पशुचिकित्सक
लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है।
ब्लॉक सिवाना में लंबे समय से पशु चिकित्सालय व उप केन्द्र भगवान भरोसे संचालित हो रहे हैं। पशु चिकित्सकों व पशुधन सहायकों के पद रिक्त होने से पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिलता है। पशुओं के उपचार के लिए इन्हें ंलंबी दौड़ लगानी पड़ती है। परेशान पशुपालक सरकार व प्रशासन से कई बार रिक्त पद भरने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। इसे लेकर पशुपालकों में रोष है।
यह है रिक्त पदों की स्थिति- ब्लॉक के सिवाना, मोकलसर, पादरू में अ श्रेणी के पशु चिकित्सालय संचालित है। सिवाना पशु चिकित्सालय में वरिष्ठ पशु चिकित्सक व पशुधन सहायक के पद रिक्त हैं। व्यवस्था के लिए पशु चिकित्सालय इंद्राणा के पशु चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया है। इससे इंद्राणा के पशुपालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पशु चिकित्सालय मोकलसर, पादरू में सहायक पशु चिकित्सक के पद रिक्त हैं। ब्लॉक के तेरह पशु उप केन्द्रों में से थापन, भागवा, मेली, इटवाया, सेला, मोतीसरा, इंद्राणा व सिवाना में आठ पशुधन सहायको के पद रिक्त हैं। वहीं पशु परिचायक व सफाई कार्मिकों के तीन-तीन व जलधारी के चार पद रिक्त हैं। नए खुले उप केंद्रों के लिए भवनों का भी निर्माण नहीं हो पाया है। इससे पशुपालक पशु चिकित्सा के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर बने है। निप्र.
लम्बे समय से पद रिक्तता- ब्लॉक सिवाना के पशु चिकित्सालयों में लंबे समय से चिकित्सकों व सहायकों के पद रिक्त हैं। सरकार इन्हेंं भरें, जिससे की पशुपालकों को पशुओं के उपचार को लेकर अच्छी सुविधा मिल सके। - संग्राम देवासी, पशुपालक सिवाना
भवन भी नहीं- सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु उप केंद्र खोले हैं, लेकिन आधे केंद्रों पर पशुधन सहायको के पद रिक्त हैं। भवनों का निर्माण नहीं किया गया है। इस पर पशुपालकों को पशुधन का उपचार नसीब नहीं हो रहा है। - निम्बाराम देवासी, पशुपालक पादरू