बस संचालकों व चालकों से की समझाइश, नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
बाड़मेर. परिवहन महकमा अब एेसी बसों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जो नियमों को दरकिनार करते हुए अग्निशमन यंत्र नहीं लगा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय निजी बस स्टैंड पर समझाइश करते हुए अग्निशमन यंत्र की महत्ता बताते हुए इसमें लापरवाही नहीं बरतने की बात कही।
गौरतलब है कि पत्रिका ने खेड़ में रोडवेज बस में आग लगने से एक महिला व बच्ची की मौत हो गई थी। इसके बाद पत्रिका ने बसों में अग्निशन यंत्रों लगाने को लेकर सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए। इसमें रोडवेज विभाग में यात्री सुरक्षा को लेकर दोहरे मापदंड, निजी बसों में अग्निशमन यंत्र के अभाव में यात्रियों की जान जोखिम में होने का उल्लेख करते हुए बताया कि नियम होते हुए भी बस संचालक अग्निशमन यंत्र रखने की जहमत नहीं उठाते। इस मुद्दे पर जिला परिवहन अधिकारी डीडी मेघानी ने परिवहन निरीक्षक विनित चौहान को निर्देश दिए कि वह निजी बस स्टैंड पर बस संचालकों से समझाइश करें। चौहान ने स्थानीय बालाजी फार्म हाउस स्थित निजी बस स्टैंड पर बसों की जांच की। उन्होंने बस संचालकों से कहा कि अग्निशमन यंत्र की अनिवार्यता इसलिए है कि कभी बस में आग लगने पर तत्काल इस पर काबू पाया जा सके। उन्होंने खेड़ गांव की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि अग्निशमन यंत्र होता तो शायद यह हादसा दो जनों की जान नहीं लेता। उन्होंने कहा कि सात दिन में बस संचालक अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से लगाएं, नहीं तो कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दस हजार तक जुर्माना, वाहन जब्त
- परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार ऑल इंडिया परमिट के वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं होने पर दस हजार रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है। इसके साथ ही विभाग वाहन जब्त कर चालक के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा भी दर्ज करवा सकता है।
तेज गति, बढ रहे हादसे
- हाईवे व मेगा हाईवे बनने के बाद वाहनों की गति बढ़ गई है। छोटे-मोटे वाहन सौ से कम स्पीड में चलते ही नहीं। एेसे में थोड़ी सी लापरवाही हादसे का सबब बन सकती है। जिले में हर माह सड़क हादसे हो रहे हैं। एेसे में अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता यात्रियों को कुछ हद से सुरक्षा की गारंटी दे सकती है।
अग्निशमन यंत्र लगना चाहिए
- अग्निशमन यंत्र वाहन मेंं लगाना चाहिए, इसमें नियमों में अनिवार्यता या स्वैच्छिकता से कोई लेना-देना नहीं हो। बस संचालक तय कर लें कि सुरक्षा के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। विभाग ने समझाइश की है, अब सप्ताह बाद कार्रवाई की जाएगी।- डी डी मेघाणी, जिला परिवहन अधिकारी बाड़मेर