राइजिंग राजस्थान के तहत एमओयू करने वाले निवेशकों के लिए रीको के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आरक्षित दरों पर भूखंड आवंटन की प्रत्यक्ष आवंटन योजना के सात चरण पूर्ण हो चुके हैं। इस योजना के माध्यम से औद्योगिक निवेश को गति मिली है।
Balotra News: बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से रीको की औद्योगिक भूखंड प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने जानकारी देते हुए बताया कि औद्योगिक क्षेत्र बोरावास कलावा प्रथम चरण (राजस्थान पेट्रो जोन) में अब तक 11 औद्योगिक भूखंडों का सफलतापूर्वक आवंटन किया जा चुका है।
इसके अलावा तीन अन्य भूखंडों के लिए आवेदकों को ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं, जिससे आने वाले समय में इन इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने बताया कि बोरावास कलावा प्रथम चरण में ही 11 भूखंडों के लिए कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर आवंटन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
आवेदनकर्ताओं की जांच और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन भूखंडों का भी शीघ्र आवंटन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत कुल 15 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जो क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
रीको के अनुसार, अब तक किए गए इन सभी आवंटनों से कुल 67.69 एकड़ भूमि पर लगभग 43 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है। इस निवेश से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना संभव होगी। अनुमान है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
रीको की इस पहल से न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि बालोतरा जिले की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। औद्योगिक इकाइयों के विकास से सहायक उद्योगों, परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। इससे बालोतरा जिले में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित होंगे और क्षेत्र को एक मजबूत औद्योगिक पहचान मिलेगी।