
भवानीसिंह राठौड़
बाड़मेर। पश्चिमी सीमा पर बॉर्डर इंटेलीजेंस (बीआइ) की बाड़मेर, जैसलमेर, गंगानगर और बीकानेर की 24 चौकियों को वर्ष 2009 में बंद कर दिया गया। दो साल पहले 2016 में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर दौरे पर वादा किया था चौकियों को पुन: प्रारंभ करवाएंगे, लेकिन एेसा नहीं हुआ है।
घुसपैठ बढ़ी:
पश्चिमी सीमा के बाड़मेर-जैसलमेर-गंगानगर और बीकानेर में 24 चौकियों को यह तर्क देकर बंद कर दिया गया कि अब यहां घुसपैठ कम हो गई है। लेकिन चौकियां बंद होने के बाद भी संदिग्ध लोगों के आने, पाकिस्तानी जासूस के जैसलमेर में पकड़े जाने सहित कई घटनाएं लगातार हुई।
मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क बढऩे के साथ जरूरी हो गया है कि अब बॉर्डर के गांवों में और चौकसी बढ़ाई जाए। एेसे में इन चौकियों को प्रारंभ करने की बात उठी लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई।
40 चौकियां, 24 बंद
बीआइ की पश्चिमी सीमा पर 40 चौकियां थीं, वर्ष-2009 के बाद 24 चौकियों को बंद कर दिया गया। चौकियों से खुफिया एजेंसियों का नेटवर्क काफी मजबूत था। सुरक्षा के लिहाज से चौकियों को शुरू करवाने के लिए तीन साल पहले प्रस्ताव बना था। जो सरकार को भेजा गया।
बॉर्डर पर ये चौकियां बंद
बाड़मेर: केलनोर, गांधव, पांचला, खलीफे की बावड़ी, जानपालिया, हरसाणी, गागरिया, सेड़वा
जैसमलेर : शाहगढ़, सुलताना, दबड़ी, धनाना, चिनू, देवीकोट, सम, बाहला, खोईयाळा, भारेवाला
बीकानेर : पूंगल, रणजीतपुरा
गंगानगर : संगरिया, केशरसिंगपुर, रावला, गजसिंहपुर